राष्ट्रीय राजधानी में 11 से 13 सितंबर तक भारत मंडपम में होने वाले ब्रिक्स समिट की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहद कड़ा किया गया है। कई जगहों पर ब्रिक्स के बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं, जबकि कनॉट प्लेस और खान मार्केट जैसे प्रमुख बाजारों में रात के समय रोशनी भी बढ़ा दी गई है।
पुलिस की व्यापक तैयारी, आतंकवाद-रोधी इंतजाम
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी उपायों के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कई दौर की ब्रीफिंग हो चुकी है, स्टाफ तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं। बुधवार से विदेशी प्रतिनिधियों के आने की उम्मीद को देखते हुए पुलिस अब अंतिम चरण में है। शर्मा ने बताया, “हम पूरी तरह तैयार हैं। निगरानी और खुफिया जानकारी समेत सभी पहलुओं पर काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है, एंटी-ग्राफिटी पेट्रोलिंग, पिकेट चेकिंग और स्टैटिक तैनाती के जरिए पूरे इलाके को कवर किया जा रहा है।” ठहरने और कार्यक्रम स्थलों पर अंदर-बाहर भारी तैनाती के साथ आतंकवाद-रोधी इंतजाम किए गए हैं। छतों पर तैनाती का जायजा लिया गया है और तकनीकी निगरानी एजेंसियां पुलिस के साथ काम कर रही हैं। एक कॉमन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में सारी जानकारी इकट्ठा की जाएगी।
7,000 जवानों की मल्टी-लेयर सुरक्षा
कुल सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों, एनएसजी और अन्य एजेंसियों के करीब 7,000 जवान तैनात किए जाएंगे। सुरक्षा घेरे में कई स्तर होंगे, जिसमें दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल, एनएसजी, इंटेलिजेंस ब्यूरो और एसपीजी शामिल हैं। भारत मंडपम के आसपास एयरपोर्ट, होटल और समिट स्थल को जोड़ने वाले मुख्य रास्तों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। करीब 10 बड़े होटल जहां विदेशी प्रतिनिधिमंडल ठहरेंगे और 12 महत्वपूर्ण स्थान भी सुरक्षा के दायरे में रहेंगे।
ट्रैफिक पर सख्ती, 35 से ज्यादा सड़कों पर डायवर्जन
वीवीआईपी काफिलों की सुचारू आवाजाही के लिए दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक योजना बनाई है। 35 से ज्यादा मुख्य सड़कों की पहचान की गई है, जिनमें सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, मथुरा रोड, जनपथ, अशोक रोड समेत कई प्रमुख मार्ग शामिल हैं। करीब 22 मुख्य डायवर्जन पॉइंट तय किए गए हैं। ट्रैफिक संभालने के लिए लगभग 4,800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। भारत मंडपम और मथुरा रोड की ओर जाने वाले वाहनों को लोधी रोड और लोधी फ्लाईओवर से डायवर्ट किया जा सकता है। धौला कुआं और सरदार पटेल मार्ग के आसपास वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल होगा।
तकनीकी निगरानी और आपात तैयारी
सुरक्षा बढ़ाने के लिए बायोमेट्रिक पास, सीसीटीवी कैमरे और तकनीकी निगरानी का इस्तेमाल होगा। तोड़-फोड़ रोधी जांच के साथ बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) अलर्ट पर रहेगा। ड्रोन और अनधिकृत हवाई गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी। वीवीआईपी काफिलों के लिए जीपीएस-आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है। क्विक रिस्पॉन्स टीमें, फायर सर्विस, एम्बुलेंस और मेडिकल इमरजेंसी टीमें तैयार रहेंगी। पड़ोसी राज्यों और चंडीगढ़ के साथ भी खुफिया जानकारी साझा करने और बॉर्डर चेकिंग को मजबूत किया गया है।
नागरिकों से अपील, स्कूल-दफ्तर बंद
डीसीपी शर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार अपनी आवाजाही की योजना बनाएं और पुलिसकर्मियों का सहयोग करें। 11 सितंबर को दिल्ली में स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। प्राइवेट दफ्तरों को वर्क-फ्रॉम-होम पर विचार करने की सलाह दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों को रास्ते पहले से चेक करने, अतिरिक्त समय निकालकर निकलने और संभव हो तो मेट्रो का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। सुरक्षा एजेंसियां इस बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन को पूरी सुचारूता के साथ संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। (इनपुट-एजेंसी)


