प्रतिक्रिया | Sunday, July 21, 2024

18/06/24 | 5:29 pm

सेमीकंडक्टर उद्योग और भारतीय अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका

वर्तमान समय में भारत सेमीकंडक्टर डिज़ाइन, निर्माण और प्रौद्योगिकी के विकास का वैश्विक केंद्र बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। सेमीकंडक्टर डिजिटल अर्थव्यवस्था की नींव बनाते हैं। वहीं सेमीकंडक्टर चिप्स अब हमारे रोजमर्रा के जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा हैं। ऐसे में आइए एक नजर डालते हैं सेमीकंडक्टर उद्योग और अर्थव्यवस्था में उसकी भूमिका पर।

ध्यातव्य है कि यह एक ऐसी सामग्री है जिसमें चालकता सुचालक और कुचालक के बीच होती है। वे शुद्ध तत्त्व सिलिकॉन या जर्मेनियम या गैलियम, आर्सेनाइड या कैडमियम सेलेनाइड के यौगिक हो सकते हैं। यह चिप्स अब समकालीन ऑटोमोबाइल, घरेलू गैजेट्स और चिकित्सा उपकरणों का एक अभिन्न अंग हैं। आपकों बता दें कार, लैपटॉप, घरेलू उपकरण, स्मार्टफोन और गेमिंग कंसोल जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इसका उपयोग किया जाता है।

सेमीकंडक्टर चिप के लिए मुख्य घटक सिलिकॉन को माना जाता है, जो ट्रांजिस्टरों में प्रयोग किया जाता है। बता दें कि इसके निर्माण में उच्च स्तर की सटीकता की आवश्यकता होती है। सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों के लिए उत्कृष्ट इंजीनियर्स की आवश्यकता होती है। यह भारतीयों के लिए एक सकारात्मक बात है। भारत में इस प्रकार के उद्योगों को बढ़ावा देने से भारतीय बौद्धिक क्षमताओं का भारत में ही प्रयोग किया जा सकेगा।

हाल के वर्षों में हमारे दैनिक जीवन में ऑनलाइन गतिविधियों के बढ़ने और अन्य क्षेत्रों में भी डिजिटल संरचना के बढ़ने से इसकी मांग बढ़ रही है। वैश्विक कोरोनावायरस महामारी ने डिजिटलीकरण प्रक्रिया को गति दी है। भारत इस मांग की पूर्ति कर सकता है। उल्लेखनीय है कि भारत तेजी से सेमीकंडक्टर क्षेत्र में खुद को मजबूती के साथ स्थापित करने को प्रयासरत है। उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना के तहत सरकार ने भारत में विभिन्न सेमीकंडक्टर वस्तुओं के निर्माण को प्रोत्साहित करने का सफ़ल प्रयास किया है। भारत में इसके विकास से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। इसी कड़ी में भारत में इसके विकास से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही औद्योगिक क्रांति 4.0 को भी गति मिलेगी ।

सेमीकंडक्टर चिप्स आधुनिक सूचना युग के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये हमारे जीवन को सरल बनाते हैं। इसकी आवश्यकता के साथ-साथ इसकी वैश्विक मांग भी मौजूद है। ऐसे में मौजूदा क्षमताओं का उपयोग करते हुए इसे लेकर पारितंत्र को बढ़ावा देना होगा। आज वक्त की मांग है कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में विद्यमान अवसरों का दोहन किया जाए।

दीपक दुबे

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आखरी अपडेट: 21st Jul 2024