12/06/26 | 2:31 pm

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‘बायोफार्मा शक्ति’ के तहत 2047 तक 100 बायोलॉजिक्स लॉन्च करने का लक्ष्य, भारत बनेगा वैश्विक केंद्र: केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल

बायोफार्मास्यूटिकल क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाने की क्षमता रखता है। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि सरकार की ‘बायोफार्मा शक्ति’ पहल के तहत वर्ष 2047 तक 100 नए बायोलॉजिक्स लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल विकसित भारत और स्वस्थ भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

नई दिल्ली में आयोजित सेकंड फार्मा समिट एंड अवॉर्ड 2026 को संबोधित करते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि बायोफार्मास्यूटिकल्स आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का भविष्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बनाने की स्थिति में है। सरकार मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन, क्लिनिकल रिसर्च और रेगुलेटरी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दुनिया भर में बायोलॉजिक्स आधारित दवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। अनुमान है कि साल 2031 तक प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के बाजार में बायोलॉजिक्स की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। ऐसे में भारत के लिए यह जरूरी है कि वह जेनेरिक दवाओं में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने के साथ-साथ नई जेनरेशन की बायोलॉजिक्स दवाओं के विकास पर भी फोकस करे।

उन्होंने उद्योग जगत से बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के क्षेत्र में निवेश और शोध बढ़ाने का आह्वान किया। उनके अनुसार, सरकार ने फार्मास्यूटिकल वैल्यू चेन को मजबूत बनाने के लिए कई नीतिगत और वित्तीय सहायता कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिससे देश में इनोवेशन को बढ़ावा मिल रहा है।

केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंट काउंसिल की कई योजनाएं, जैसे बायोटेक इग्निशन ग्रांट, एसबीआईआरआई और बीआईपीपी, नई तकनीकों और उद्योग आधारित शोध को समर्थन दे रही हैं। इसके अलावा पीआरआईपी योजना और नेशनल बायोफार्मा मिशन जैसी पहलें भी देश में उन्नत चिकित्सा तकनीकों के विकास के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।

कार्यक्रम में फार्मास्युटिकल्स विभाग के सचिव मनोज जोशी ने भी बायोफार्मा क्षेत्र की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत को दवा अनुसंधान, इनोवेशन, क्लिनिकल रिसर्च और सप्लाई चेन को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, ‘बायोफार्मा शक्ति’ पहल भारत को हाई क्वालिटी वाले बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के विकास और उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

समारोह के दौरान अनुप्रिया पटेल ने फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली कंपनियों और संस्थानों को ‘फार्मा एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’ भी प्रदान किए।

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