प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) ऑटो स्कीम के तहत पांच आवेदनकर्ताओं को (11 नवंबर तक) 1,350.83 करोड़ रुपए का इंसेंटिव जारी किया गया है। यह जानकारी केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में दी। यह स्कीम सरकार द्वारा 25,938 करोड़ रुपए के बजटीय प्रावधान के साथ लागू की गई थी।
मार्च 2028 तक 2,31,500 करोड़ रुपए का बिक्री लक्ष्य निर्धारित
केंद्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि इस योजना के तहत मार्च 2028 तक (वित्त वर्ष 2019-20 के आधार वर्ष पर) 2,31,500 करोड़ रुपए का बिक्री लक्ष्य निर्धारित है, जिसके मुकाबले 30 सितंबर 2025 तक 32,879 करोड़ रुपए की बिक्री हासिल की जा चुकी है।
पीएलआई ऑटो स्कीम का उद्देश्य एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (AAT) उत्पादों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन में निवेश आकर्षित करना है।
इस योजना में कम से कम 50% डीवीए के साथ एएटी उत्पादों के घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने का प्रावधान है
जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, वैसे-वैसे घरेलू मूल्य संवर्धन (डीवीए) और ईवी वैल्यू चेन का स्थानीयकरण भी एएटी उत्पादों में अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। इस योजना में कम से कम 50% डीवीए के साथ एएटी उत्पादों के घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने का प्रावधान है।
सरकार ने 12 मई 2021 को देश में उन्नत रसायन सेल (ACC) बैटरी निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 18,100 करोड़ रुपए के बजट परिव्यय के साथ पीएलआई-एसीसी को मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत 50 गीगावॉट-घंटे की संचयी एसीसी बैटरी विनिर्माण क्षमता स्थापित की जानी है।
योजना चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास तथा वाहन परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन में भी सहायता प्रदान करती है
इसके अलावा, पीएम ई-ड्राइव योजना 29 सितंबर 2024 को अधिसूचित की गई थी। चार वर्षों की अवधि में 10,900 करोड़ रुपए के बजटीय प्रावधान वाली इस योजना का उद्देश्य ई-2W, ई-3W, ई-अम्बुलेंस, ई-ट्रक और ई-बसों की बिक्री को बढ़ावा देना है। यह योजना चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास तथा वाहन परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन में भी सहायता प्रदान करती है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम (PMP) निर्दिष्ट ईवी घटकों के घरेलू विनिर्माण को अनिवार्य करता है।
12 लाख से अधिक रोजगार सृजित
सरकार के अनुसार, पीएलआई योजना के माध्यम से 2020 से अब तक 1.76 लाख करोड़ रुपए का प्रतिबद्ध निवेश आकर्षित हुआ है और 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। इस योजना के तहत 14 रणनीतिक क्षेत्रों में 806 आवेदनों को मंजूरी दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है। (इनपुट: आईएएनएस)


