वैश्विक अस्थिरता में कमी से भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली है और इससे देश की शीर्ष 10 भारतीय कंपनियों में से नौ का मार्केटकैप 2.15 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है। 15-19 जून की अवधि में सेंसेक्स 1,274.95 अंक या 1.69 प्रतिशत की मजबूती के साथ 76,802.90 और निफ्टी 390.20 अंक या 1.65 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,013.10 पर बंद हुआ।
इस दौरान भारतीय एयरटेल, एलआईसी, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल और आईसीआईसीआई बैंक के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरफ आईटी कंपनी टीसीएस के मार्केट कैप में कमी देखी गई। टॉप 10 कंपनियों में भारती एयरटेल के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई, जिससे इसका मूल्यांकन 52,432.67 करोड़ बढ़कर 11.63 लाख करोड़ रुपए हो गया।
सरकारी कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) का मार्केट कैप 51,675.23 करोड़ रुपए बढ़कर 5.57 लाख करोड़ रुपए और बजाज फाइनेंस का बाजार मूल्यांकन 26,553.71 करोड़ रुपए बढ़कर 5.99 लाख करोड़ रुपए हो गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 22,464.02 करोड़ रुपए बढ़कर 17.72 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
समीक्षा अवधि के दौरान एलएंडटी का मार्केट कैप 21,929.12 करोड़ रुपए बढ़कर 5.79 लाख करोड़ रुपए, एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 16,753 करोड़ रुपए बढ़कर 9.55 करोड़ रुपए हो गया है। इसके साथ ही, एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 11,948 करोड़ रुपए बढ़कर 12.01 लाख करोड़ रुपए हो गया है। हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 6,661 करोड़ रुपए बढ़कर 5.15लाख करोड़ रुपए हो गया है।
आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 4,724.22 करोड़ रुपए बढ़कर 9.66 लाख करोड़ रुपए हो गया है। दूसरी तरफ, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मार्केट कैप 12,699.49 करोड़ रुपए बढ़कर 7.69 लाख करोड़ रुपए हो गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, एलआईसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।(इनपुट-आईएएनएस)


