10/01/26 | 10:54 am

Print

ओडिशा में नई पर्यटन नीति सहित 11 अहम फैसलों को कैबिनेट की मंजूरी

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में शुक्रवार को लोक सेवा भवन, भुवनेश्वर में हुई ओडिशा मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे अहम ओडिशा पर्यटन (संशोधन) नीति–2026 को स्वीकृति देना रहा, जिसे राज्य के पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा सुधार कदम माना जा रहा है।

2022 की नई पर्यटन नीति में 3-स्टार और उससे ऊपर के होटलों और रिसॉर्ट्स के लिए न्यूनतम निवेश की शर्त 50 कमरे से घटाकर 10 कमरे कर दी गई है

नई नीति के तहत वर्ष 2022 की पर्यटन नीति में कई अहम संशोधन किए गए हैं। सरकार के अनुसार, 3-स्टार और उससे ऊपर के होटलों व रिसॉर्ट्स के लिए न्यूनतम निवेश की शर्त को 50 की-रूम से घटाकर 10 की-रूम कर दिया गया है, जो केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय के मानकों के अनुरूप है। वहीं, मौजूदा पर्यटन इकाइयों के विस्तार के लिए पात्रता सीमा को 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे उनके विस्तार की प्रक्रिया आसान और तेज होगी।

संशोधित नीति में पर्यटन परियोजनाओं को 30% पूंजी निवेश सब्सिडी, 50-100 करोड़ रुपये सीमा में दी जाएगी

कैबिनेट ने पूंजी निवेश सब्सिडी ढांचे को भी तर्कसंगत बनाया है। संशोधित नीति के तहत पर्यटन परियोजनाओं को 30 प्रतिशत तक की पूंजी निवेश सब्सिडी मिलेगी, जिसमें 200 करोड़ रुपये तक के निवेश पर अधिकतम 50 करोड़ रुपये और 200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर अधिकतम 100 करोड़ रुपये की सीमा तय की गई है।

विशेष पर्यटन क्षेत्रों में नए जोन शामिल किए गए हैं, जिनमें हिराकुड, सतकोसिया, सिमिलिपाल, रत्नागिरी-उदयगिरी-ललितगिरी और भितरकनिका शामिल हैं

इसके अलावा, विशेष पर्यटन क्षेत्रों (स्पेशल जोन) का दायरा बढ़ाते हुए हिराकुड, सतकोसिया, सिमिलिपाल, रत्नागिरी–उदयगिरी–ललितगिरी और भितरकनिका को शामिल किया गया है। पहले से घोषित विशेष जोनों में चिलिका, केबीके, कंधमाल और गजपति शामिल हैं।

विशेष पर्यटन जोनों में महिला, SC, ST और दिव्यांग उद्यमियों को उनकी परियोजनाओं पर 40% पूंजी निवेश सब्सिडी, 60-120 करोड़ रुपये तक दी जाएगी

इन विशेष जोनों में स्थापित पर्यटन परियोजनाओं के साथ-साथ महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग उद्यमियों द्वारा संचालित परियोजनाओं को 40 प्रतिशत तक की बढ़ी हुई पूंजी निवेश सब्सिडी ढांचे मिलेगी। इसमें 200 करोड़ रुपये तक के निवेश पर अधिकतम 60 करोड़ रुपये और 200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर अधिकतम 120 करोड़ रुपये की सीमा तय की गई है।

सरकार ने उभरते पर्यटन क्षेत्रों को लक्षित सब्सिडी दी है: संग्रहालय 40%, इलेक्ट्रिक वाहन और कला-शिल्प 50%, माइस, वेडिंग, लग्जरी कैंपिंग को विशेष प्रोत्साहन

सरकार ने उभरते पर्यटन क्षेत्रों के लिए लक्षित सब्सिडी देने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत संग्रहालयों और विरासत संपत्तियों को 40 प्रतिशत तक, जबकि इलेक्ट्रिक बोट, इलेक्ट्रिक कारवां और कला एवं शिल्प थीम कॉम्प्लेक्स को 50 प्रतिशत तक पूंजी सहायता दी जाएगी। संशोधित नीति में माइस, डेस्टिनेशन वेडिंग, लग्जरी कैंपिंग और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी आधारित पर्यटन उत्पादों के लिए विशेष प्रोत्साहन शामिल हैं।(इनपुट-आईएएनएस)