उत्तर प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार योगी सरकार ने प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा और कल्याण योजनाओं के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 34,504 करोड़ रुपए व्यय का प्रस्ताव रखा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस मद में 30,530 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे, जबकि वर्ष 2017-18 में सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए केवल 18,674 करोड़ रुपए का व्यय हुआ था।
9 वर्षों में खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि
पिछले 9 वर्षों में सामाजिक सुरक्षा और कल्याण पर बढ़ता खर्च दर्शाता है कि वर्तमान सरकार ‘सबका साथ–सबका विकास–सबका विश्वास–सबका प्रयास’ के दृष्टिकोण को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। विधानमंडल में सोमवार को बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने उत्तर प्रदेश सरकार का वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करते हुए यह जानकारी दी।
वृद्धजन और दिव्यांग पेंशन पर विशेष जोर
प्रदेश सरकार का वृद्धजनों और दिव्यांगजनों के आर्थिक उन्नयन पर विशेष फोकस रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025-26 में दिसंबर, 2025 तक 67.50 लाख वृद्धजनों और जनवरी, 2026 तक 22.89 लाख दिव्यांगजनों को पेंशन के माध्यम से लाभान्वित किया गया है। वर्ष 2024-25 में 7363.55 करोड़ रुपए खर्च कर 60.99 लाख वृद्धजनों को लाभ दिया गया, जो वर्ष 2017-18 की तुलना में 62.79% की वृद्धि को दर्शाता है।
छात्रवृत्ति योजनाओं से लाखों छात्रों को लाभ
छात्रवृत्ति योजनाओं के जरिए सरकार गरीब और पिछड़े वर्ग के छात्रों की शिक्षा को मजबूत सहारा दे रही है। वर्ष 2025-26 में दिसंबर, 2025 तक पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति से अनुसूचित जाति वर्ग के 3.42 लाख, पिछड़ा वर्ग के 12.76 लाख और सामान्य वर्ग के 1.30 लाख छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए। वर्ष 2024-25 में अनुसूचित जाति वर्ग के 14.98 लाख विद्यार्थियों को 636.34 करोड़ रुपए, पिछड़ा वर्ग के 29.94 लाख विद्यार्थियों को 2454.32 करोड़ रुपए और सामान्य वर्ग के 8.78 लाख विद्यार्थियों को 909.99 करोड़ रुपए व्यय कर लाभान्वित किया गया।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से प्रतियोगी छात्रों को संबल
आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया कि वर्ष 2021-22 से शुरू मुख्यमंत्री अभ्युदय योजनान्तर्गत वर्ष 2024-25 में 34.92 करोड़ रुपए खर्च कर 23,017 अभ्यर्थियों को लाभ दिया गया। वर्ष 2025-26 में दिसंबर, 2025 की स्थिति तक 10.57 करोड़ रुपए व्यय कर 23,801 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सामूहिक विवाह और कन्या सुमंगला में बड़ा विस्तार
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2024-25 में सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत 95,466 कन्याओं के विवाह संपन्न कराए गए। वर्ष 2017-18 की तुलना में विवाहों की संख्या लगभग 5 गुना और व्यय करीब 7 गुना बढ़ा है। जनवरी, 2026 तक कन्या सुमंगला योजना से 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं।
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना से बीपीएल परिवारों को राहत
बीपीएल परिवार के कमाऊ मुखिया की मृत्यु पर राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत वर्ष 2017-18 में 86.26 हजार आश्रितों को सहायता दी गई थी। वर्ष 2024-25 में लाभार्थियों की संख्या में 31.35% की वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2017-18 में इस योजना के तहत 258.77 करोड़ रुपए वितरित किए गए थे, जो वर्ष 2024-25 में 14.53% बढ़कर 296.36 करोड़ रुपए हो गए। वर्ष 2025-26 में दिसंबर, 2025 तक 53,607 आश्रित व्यक्तियों को 162.50 करोड़ रुपए की धनराशि वितरित की गई है। (इनपुट: आईएएनएस)


