एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होंगे ब्रिटेन के डिप्टी पीएम और एआई मंत्री, भारत-ब्रिटेन तकनीकी साझेदारी को मिलेगी मजबूती

भारत में ब्रिटेन की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने तकनीक और नवाचार पर सहयोग को ‘भारत-ब्रिटेन विजन 2035’ का प्रमुख स्तंभ बताया है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री डेविड लैमी और एआई मंत्री कनिष्क नारायण नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ में भाग लेने के लिए भारत आ रहे हैं।

तकनीकी सहयोग पर जोर

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा बयान में लिंडी कैमरन ने कहा कि तकनीक और नवाचार पर सहयोग ‘ब्रिटेन-भारत विजन 2035’ का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में ब्लेचले पार्क में आयोजित दुनिया के पहले एआई सेफ्टी समिट की याद करते हुए भारत को वैश्विक एआई चर्चा का नेतृत्व करते देखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि एआई को लेकर भारत का दृष्टिकोण वैश्विक स्तर पर प्रभाव डालता है।

एआई से विकास और रोजगार पर फोकस

ब्रिटेन सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान ब्रिटेन यह रेखांकित करेगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकास को गति देने, नई नौकरियां सृजित करने और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने में कैसे सहायक हो सकता है। ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल एक सप्ताह की वार्ताओं की श्रृंखला शुरू करेगा, जिसमें इस बात पर चर्चा होगी कि एआई रोजमर्रा के जीवन को कैसे बेहतर बना सकता है, न केवल उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में बल्कि वैश्विक स्तर पर।

स्वास्थ्य, शिक्षा और सेवाओं में एआई की भूमिका

समिट के दौरान लैमी और नारायण इस बात पर जोर देंगे कि एआई डॉक्टरों को तेजी से निदान करने, शिक्षकों को व्यक्तिगत शिक्षण मॉडल अपनाने, स्थानीय प्रशासन को त्वरित सेवाएं देने और व्यवसायों को नई पीढ़ी की नौकरियां सृजित करने में सक्षम बनाता है।

साझेदारी और निवेश को बढ़ावा

डेविड लैमी ने कहा कि यह समिट अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर एआई की क्षमताओं का अधिकतम उपयोग करने और मजबूत सुरक्षा मानक विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन एआई के माध्यम से विकास, निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा भारत के साथ सहयोग से वैश्विक स्तर पर अवसरों का विस्तार होगा। (इनपुट: आईएएनएस)