प्रतिक्रिया | Saturday, July 13, 2024

19/06/24 | 10:37 pm

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खरीफ फसलों के लिए एमएसपी को दी मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज (बुधवार) विपणन सत्र 2024-25 के लिए सभी आवश्यक खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी दे दी है।

सरकार ने विपणन सत्र 2024-25 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि की है, ताकि उत्पादकों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जा सके। पिछले वर्ष की तुलना में एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि तिलहन और दालों के लिए की गई है, जैसे नाइजरसीड (983 रुपये प्रति क्विंटल), उसके बाद तिल (632 रुपये प्रति क्विंटल) और तुअर/अरहर (550 रुपये प्रति क्विंटल)।

कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय के अनुसार विपणन सत्र 2024-25 के लिए खरीफ फसलों के लिए एमएसपी में वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 की घोषणा के अनुरूप है, जिसमें एमएसपी को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना के स्तर पर तय किया गया है। किसानों को उनकी उत्पादन लागत पर अपेक्षित मार्जिन बाजरा (77 प्रतिशत) के मामले में सबसे अधिक होने का अनुमान है, उसके बाद तुअर (59 प्रतिशत), मक्का (54 प्रतिशत) और उड़द (52 प्रतिशत) का स्थान है। बाकी फसलों के लिए, किसानों को उनकी उत्पादन लागत पर मार्जिन 50 प्रतिशत होने का अनुमान है।

हाल के वर्षों में, सरकार इन फसलों के लिए उच्च एमएसपी की पेशकश करके अनाज जैसे दालों व तिलहन और पोषक अनाज/श्री अन्न के अलावा अन्य फसलों की खेती को बढ़ावा दे रही है।

खरीफ विपणन सत्र के अंतर्गत आने वाली 14 फसलों के लिए 2003-04 से 2013-14 की अवधि के दौरान, बाजरा के लिए एमएसपी में न्यूनतम निरपेक्ष वृद्धि 745 रुपये प्रति क्विंटल और मूंग के लिए अधिकतम निरपेक्ष वृद्धि 3,130 रुपये प्रति क्विंटल थी, जबकि 2013-14 से 2023-24 की अवधि के दौरान मक्का के लिए एमएसपी में न्यूनतम निरपेक्ष वृद्धि 780 रुपये प्रति क्विंटल और नाइजरसीड के लिए अधिकतम निरपेक्ष वृद्धि 4,234 रुपये प्रति क्विंटल थी।

2004-05 से 2013-14 की अवधि के दौरान, खरीफ विपणन सीजन के अंतर्गत आने वाली 14 फसलों की खरीद 4,675.98 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) थी, जबकि 2014-15 से 2023-24 की अवधि के दौरान, इन फसलों की खरीद 7,108.65 एलएमटी थी।

वर्ष 2023-24 के लिए उत्पादन के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन 3288.6 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) होने का अनुमान है, तथा तिलहन उत्पादन 395.9 एलएमटी को छू रहा है। वर्ष 2023-24 के दौरान चावल, दालों, तिलहनों और पोषक अनाज/श्री अन्न तथा कपास का खरीफ उत्पादन क्रमशः 1143.7 एलएमटी, 68.6 एलएमटी, 241.2 एलएमटी, 130.3 एलएमटी तथा 325.2 लाख गांठ होने का अनुमान है।

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आखरी अपडेट: 13th Jul 2024