केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में देश में आपातकालीन और ट्रॉमा केयर सेवाओं को मजबूत करने, दवा नियमन को और प्रभावी बनाने, संबद्ध स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और मेडिकल वैल्यू टूरिज्म के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया गया।
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बैठक के दौरान बताया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से पहले चरण में मार्च 2027 तक 160 जिला अस्पतालों को मजबूत किया जाएगा। इन अस्पतालों में आपातकालीन और ट्रॉमा केयर सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
समीक्षा में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी दी गई। इसके तहत करीब 1.5 लाख देखभालकर्ताओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रशिक्षण प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। इससे देश में प्रशिक्षित और सक्षम केयर वर्कफोर्स तैयार करने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दवाओं के नियमन और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके साथ ही संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों के कार्यबल का विस्तार, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना और ट्रॉमा केयर क्षमता को मजबूत करना समीक्षा के प्रमुख विषय रहे।
बैठक में मेडिकल वैल्यू टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के विकास पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य भारत में गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा सेवाओं के लिए आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित इन पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए देश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, गुणवत्ता और आपातकालीन चिकित्सा क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की जा रही है।


