23/06/26 | 6:11 pm

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देशभर में वंदे मातरम शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जानें क्यों है खास

भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा ‘माई भारत’ अभियान के माध्यम से देश भर में वंदे मातरम शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में पहला शिविर पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 24 से 30 जून तक बंकिम चंद्र चटर्जी की जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। यह राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों और युवा नेतृत्व को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक प्रमुख युवा सशक्तिकरण पहल है।

सात दिवसीय आवासीय शिविरों के रूप में परिकल्पित इस पहल का उद्देश्य युवाओं को भारत की संवैधानिक और लोकतांत्रिक परंपराओं की गहरी समझ विकसित करने के अवसर प्रदान करना है, साथ ही सांस्कृतिक आत्मविश्वास और नागरिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है। ये शिविर विकसित भारत-2047 की परिकल्पना के अनुरूप हैं और इनका उद्देश्य सूचित, जिम्मेदार और राष्ट्र-उन्मुख युवा नेताओं की एक पीढ़ी का पोषण करना है।

वंदे मातरम शिविर ‘वंदे मातरम’ की भावना से प्रेरित हैं, जो मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और क्षेत्रीय, भाषाई और सामाजिक सीमाओं से परे भावनात्मक एकीकरण का प्रतीक है। यह कार्यक्रम नागरिक भागीदारी, नेतृत्व विकास, डिजिटल साक्षरता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देकर समकालीन युवाओं की चिंताओं का समाधान करना चाहता है।

इस पहल के तहत चिन्हित जिलों में 20 शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक में 15 से 29 वर्ष की आयु के 150 युवा प्रतिभागी शामिल होंगे। प्रत्येक शिविर में छह राज्यों के प्रतिनिधि होंगे, पूर्वोत्तर से अनिवार्य प्रतिनिधित्व होगा, और महिलाओं तथा सामाजिक रूप से वंचित वर्गों की कम से कम 50 प्रतिशत भागीदारी होगी। इन शिविरों में लगभग 3,000 युवाओं को शामिल किया जाएगा और इनमें संवैधानिक मूल्यों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से लेकर नेतृत्व विकास और प्रमुख योजनाओं तक के विषय शामिल होंगे।

सप्ताह भर चलने वाले इन शिविरों में वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका, संविधान और नागरिक कर्तव्यों पर विषयगत सत्र, भाषा, भोजन और खेलों के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान, ऐतिहासिक महत्व के स्थलों का दौरा, राष्ट्र प्रथम संवाद और तात्कालिक भाषण सत्र, नेतृत्व और सामुदायिक लामबंदी कार्यशालाएं और सरकार की प्रमुख पहलों पर चर्चा शामिल होगी। वंदे मातरम शिविर भारत के युवाओं की ऊर्जा, आदर्शवाद और रचनात्मकता का उपयोग करके एकता, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।

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