उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति भवन में दार्जिलिंग के एक युवा डेलीगेशन से बातचीत की। डेलीगेशन का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और देश में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पहचाने जाने वाले क्षेत्र से आए जोशीले युवा दिमागों का स्वागत करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि युवा एक आत्मविश्वासी और आगे की सोच वाले भारत की उम्मीदों का प्रतीक हैं। इस मौके पर राज्यसभा के सदस्य हर्षवर्धन श्रृंगला भी मौजूद रहे।

युवाओं से विकसित भारत के विजन में भागीदारी का आह्वान

भारत की डेमोग्राफिक ताकत को सबसे बड़ी संपत्ति बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत का विजन युवाओं से इनोवेशन, ईमानदारी और उद्यम के साथ योगदान की अपेक्षा करता है। उन्होंने रेखांकित किया कि आत्मनिर्भरता हमारी क्षमताओं में आत्मविश्वास और अपनी विरासत पर गर्व को दर्शाती है।

माइग्रेशन और सस्टेनेबल टूरिज्म पर जोर

बातचीत के दौरान छात्रों ने आउटमाइग्रेशन, सस्टेनेबल टूरिज्म, आपदा से निपटने की क्षमता, दार्जिलिंग चाय और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सवाल उठाए। माइग्रेशन को आर्थिक उम्मीदों से प्रेरित एक वैश्विक प्रवृत्ति बताते हुए उपराष्ट्रपति ने पहचान, संस्कृति और परंपराओं को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। सस्टेनेबल टूरिज्म को आवश्यक बताते हुए उन्होंने पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार विकास के जरिए क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की बात कही।

आपदा तैयारी और इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण पर बल

पहाड़ी इलाकों की संवेदनशीलता का जिक्र करते हुए उन्होंने बेहतर आपदा तैयारी, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई। इस संदर्भ में कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) जैसी पहलों के महत्व को रेखांकित किया गया। उन्होंने दार्जिलिंग चाय की वैश्विक पहचान का उल्लेख करते हुए वैल्यू एडिशन और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। खेलों के क्षेत्र में जमीनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्थागत सहयोग की जरूरत बताई।

सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने की अपील

युवाओं को उनके पारंपरिक परिधानों में देखकर उपराष्ट्रपति ने खुशी जताई और कहा कि जो लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं को बचाने के लिए सोच-समझकर प्रयास करते हैं, उनके प्रति उनके मन में गहरा सम्मान है। उन्होंने युवाओं से बदलती दुनिया के अवसरों को अपनाते हुए अपनी विरासत से जुड़े रहने की अपील की और विश्वास जताया कि वे राष्ट्र निर्माण तथा विकसित और आत्मनिर्भर भारत के विजन में अहम योगदान देंगे। (इनपुट: आईएएनएस)