09/12/25 | 9:22 pm

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घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए योगी सरकार का फुलप्रूफ प्लान, बनेगी विस्तृत बायोमेट्रिक प्रोफाइल

उत्तर प्रदेश में घुसपैठियों को पहचानने और राज्य से बाहर करने के लिए योगी सरकार ने एक फुलप्रूफ योजना तैयार कर ली है, जो पूरे देश के लिए मॉडल साबित हो सकती है। सरकार घुसपैठियों की पहचान में हाई-टेक और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही है, जिससे प्रदेश में छुपकर रहने की उनकी हर कोशिश को नाकाम किया जा सके। जिन डिटेंशन सेंटरों में इन्हें रखा जाएगा, वहां सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी होगी कि परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा।

डिटेंशन सेंटरों में रखे गए घुसपैठियों की विस्तृत बायोमेट्रिक प्रोफाइल बनाने की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, योगी सरकार डिटेंशन सेंटरों में रखे गए घुसपैठियों की विस्तृत बायोमेट्रिक प्रोफाइल तैयार करने जा रही है। इन सभी नामों को ‘निगेटिव लिस्ट’ में दर्ज किया जाएगा, जिसे देशभर में साझा किया जाएगा ताकि ये लोग दोबारा न तो प्रदेश में और न ही देश की सीमा में प्रवेश कर सकें।

योगी आदित्यनाथ ने घुसपैठियों को प्रदेश से बाहर करने के लिए शीर्ष अधिकारियों के साथ की बैठक 

हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घुसपैठियों को प्रदेश से बाहर करने के लिए शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों को हाई-टेक तकनीक का उपयोग करते हुए घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित करने और बिना किसी चूक के उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

घुसपैठियों के फर्जी पहचान पत्र और अन्य संदिग्ध सरकारी दस्तावेजों को किया जाएगा स्कैन

जानकारों के अनुसार, आधुनिक तकनीक की मदद से घुसपैठियों के फर्जी पहचान पत्र और अन्य संदिग्ध सरकारी दस्तावेजों को स्कैन किया जाएगा तथा उनके पुराने रिकॉर्ड की गहन जांच की जाएगी। इससे यह पता लगाया जाएगा कि वे कब से प्रदेश में छुपकर रह रहे हैं और किस प्रकार उन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार किए।

फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क की भी जांच

सूत्रों के मुताबिक, घुसपैठियों की पहचान के साथ ही उनके फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क की भी जांच की जाएगी। इस नेक्सस का भंडाफोड़ कर कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि आगे कोई भी व्यक्ति फर्जी दस्तावेज न बनवा सके।

भविष्य में नहीं करा पाएंगे आधार कार्ड जैसी किसी भी सरकारी पहचान प्रणाली में पंजीकरण 

डिटेंशन सेंटरों में रखे गए घुसपैठियों की बायोमेट्रिक प्रोफाइल के तहत उनके फिंगरप्रिंट, फेशियल रिकॉग्निशन डेटा आदि एकत्र किए जाएंगे। इसके बाद इन नामों की एक विशेष सूची तैयार होगी, जिसे निगेटिव लिस्ट में शामिल किया जाएगा। इस कदम के बाद ये लोग आधार कार्ड जैसी किसी भी सरकारी पहचान प्रणाली में भविष्य में पंजीकरण नहीं करा पाएंगे। यह सूची देश के अन्य राज्यों से भी साझा की जाएगी, ताकि दोबारा कोई घुसपैठिया भारत की सीमा में प्रवेश न कर सके।

देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर सकती है योगी सरकार का यह फुलप्रूफ प्लान

योगी सरकार का यह फुलप्रूफ प्लान और कार्यशैली पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर सकती है। यह योजना एक बार फिर मुख्यमंत्री की स्पष्ट नीति, गंभीरता और सटीक विजन को दर्शाती है। (इनपुट: आईएएनएस)