रणनीतिक खनिजों की सुरक्षा पर अमेरिका सख्त, राष्‍ट्रपति ट्रंप ने लागू किया डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करके रिकवर किए जा सकने वाले जरूरी मिनरल्स और मटीरियल पर नियंत्रण सख्त कर दिया है। इससे कॉमर्स डिपार्टमेंट को देश की रक्षा के लिए जरूरी मानी जाने वाली घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने की बड़ी कोशिश के तहत एक्सपोर्ट पर रोक लगाने का अधिकार मिल गया है।

गुरुवार को वाणिज्य सचिव को जारी किए गए प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन में राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया कि रिकवर किए जा सकने वाले जरूरी मिनरल और मटीरियल (सीएमएम) देश की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए जरूरी इंडस्ट्रियल रिसोर्स हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इम्पोर्टेड सप्लाई पर अमेरिका की निर्भरता एक बढ़ता हुआ सुरक्षा खतरा बन गई है।

इस फैसले में कहा गया है कि अमेरिका की सीएमएम की कम सप्लाई से हमारे देश की सुरक्षा और बचाव को खतरा बढ़ रहा है। देश विदेशी सोर्स से कुछ सीएमएम के इंपोर्ट पर बहुत ज्यादा निर्भर है और इस निर्भरता से सप्लाई चेन में गंभीर और लगातार रुकावट का खतरा है। मेमोरेंडम में कहा गया, “यह जरूरी है कि अमेरिका रिकवर किए जा सकने वाले सीएमएम की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कार्रवाई करे।”

व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति ने डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट के तहत वाणिज्य सचिव को रिकवर किए जा सकने वाले जरूरी मिनरल और मटीरियल पर एक्सपोर्ट पर रोक लगाने का अधिकार दिया है। व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट में कहा गया है कि इस फैसले से यह नतीजा निकलता है कि सीएमएम देश की रक्षा को बढ़ावा देने के लिए जरूरी इंडस्ट्रियल रिसोर्स हैं, खासकर मिलिट्री प्रोडक्शन, इंडस्ट्रियल इस्तेमाल और नेशनल सिक्योरिटी के मामले में। इसमें यह भी पाया गया है कि अमेरिका कुछ जरूरी चीजों के लिए विदेशों से इम्पोर्ट पर बहुत ज्यादा निर्भर है, जिससे सप्लाई चेन में गंभीर और लगातार रुकावट का खतरा पैदा होता है।

राष्ट्रपति का फैसला वाणिज्य सचिव को रेगुलेशन, नियम, निर्देश और प्रक्रिया जारी करके आदेश को लागू करने का अधिकार देता है। यह फैसला फेडरल रजिस्टर में भी पब्लिश किया जाएगा। सरकार ने कहा कि अमेरिका के पास पहले से ही स्थायी मैग्नेट और लिथियम-आयन बैटरी जैसे तैयार प्रोडक्ट्स में लगे जरूरी मिनरल्स की काफी मात्रा है। जब ये प्रोडक्ट्स अपनी लाइफ साइकिल के आखिर में पहुंच जाते हैं तो इन मटीरियल्स को इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए वापस लिया जा सकता है और रीसायकल किया जा सकता है।

व्हाइट हाउस ने कहा कि ये मटीरियल्स जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स के काम करने के तरीके, सुरक्षा और मजबूती को बनाए रखने और मजबूत करने के लिए बहुत जरूरी हैं। इसमें यह भी कहा गया कि जरूरी मिनरल डिफेंस सप्लाई चेन में आम हैं और एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम में जरूरी इनपुट हैं जो तकनीकी तौर पर बेहतरी, ऑपरेशनल तैयारी और उच्च प्रदर्शन वाले सैन्य उपकरण की एक सीरीज को सपोर्ट करते हैं।”

डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट के सेक्शन 101 के तहत राष्ट्रपति ट्रंप ने तय किया कि रिकवर किए जा सकने वाले सीएमएम देश की रक्षा के लिए जरूरी दुर्लभ और जरूरी मटीरियल हैं। उन्होंने आगे पाया कि इन मटीरियल के लिए देश की रक्षा की जरूरतें सिविलियन मार्केट में ऐसे मटीरियल के नॉर्मल डिस्ट्रीब्यूशन में इतनी बड़ी गड़बड़ी पैदा किए बिना पूरी नहीं की जा सकतीं कि काफी मुश्किल हो जाए।

व्हाइट हाउस ने कहा कि यह नया कदम अमेरिका के इंडस्ट्रियल बेस को फिर से बनाने और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के मकसद से किए गए कई एग्जीक्यूटिव एक्शन पर आधारित है। इसमें बताया गया कि ट्रंप ने मार्च 2025 में अमेरिकी मिनरल प्रोडक्शन बढ़ाने, परमिटिंग को आसान बनाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए थे। अप्रैल 2025 में, उन्होंने डिफेंस एक्विजिशन को मॉडर्न बनाने और डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए एक और ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए।

जरूरी मिनरल्स वैश्विक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में एक केंद्रीय मुद्दा बन गए हैं, क्योंकि सरकारें रक्षा तकनीक, इलेक्ट्रिक गाड़ियों, नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली, सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के लिए भरोसेमंद सप्लाई ढूंढ रही हैं। कई रेयर अर्थ एलिमेंट्स और दूसरे जरूरी मिनरल्स के लिए ग्लोबल प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग कैपेसिटी के एक बड़े हिस्से पर चीन का कब्जा है। इससे अमेरिका और उसके साथी सप्लाई चेन को अलग-अलग तरह का बनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

अमेरिका ने जरूरी मिनरल्स की घरेलू माइनिंग, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और स्टॉकपाइलिंग को बढ़ावा देने के लिए एग्जीक्यूटिव अथॉरिटी, इन्वेस्टमेंट इंसेंटिव और ट्रेड उपायों का ज्यादा इस्तेमाल किया है। नए फैसले में एंड-ऑफ-लाइफ प्रोडक्ट्स और इंडस्ट्रियल वेस्ट से कीमती मटीरियल रिकवर करने पर ज्यादा जोर दिया गया है। वाशिंगटन लंबे समय से राष्ट्रीय सुरक्षा और औद्योगिक लचीलापन को मजबूत करते हुए विदेशी सोर्स पर निर्भरता कम करना चाहता है।(इनपुट-आईएएनएस)

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