प्रतिक्रिया | Monday, April 22, 2024

16/11/23 | 3:20 pm

आतंकवाद अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा : राजनाथ सिंह

इंडोनेशिया के जकार्ता में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आसियान रक्षा मंत्रियों की 10वीं मीटिंग – प्लस (ADMM-Plus) में भाग लिया। आज गरुवार (16 नवंबर) आसियान के रक्षा मंत्रियों की एक मीटिंग के दौरान अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने आसियान की महत्‍वपूर्ण स्थिति को स्‍वीकार किया और क्षेत्र में बातचीत एवं सर्वसम्मति को बढ़ावा देने में एडीएमएम-प्लस  की भूमिका की सराहना की। राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को आसियान क्षेत्र सहित अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बताया। भारत ने आतंकवाद से निपटने पर ईडब्ल्यूजी (EWG) की सह-अध्यक्षता करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (x) पर कहा कि हम आसियान क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए एडीएमएम-प्लस के साथ व्यावहारिक, दूरदर्शी और परिणामोन्मुख सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

संघर्षों से मानव जीवन की हानि 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह युद्ध का युग नहीं है। आतंकवाद आसियान क्षेत्र सहित अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि संघर्षों से मानव जीवन की हानि होती है और आजीविका नष्ट होती है, क्षेत्रीय एवं वैश्विक स्तर पर स्थिरता में बाधा आती है और इसका खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा आदि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
 
क्षेत्रीय सुरक्षा पहलों का किया आह्वान  

मीटिंग के दौरान रक्षा मंत्री ने क्षेत्रीय सुरक्षा पहलों का आह्वान किया जो विभिन्न हितधारकों के बीच व्यापक सहमति को प्रतिबिंबित करने के लिए परामर्शी और विकासोन्मुख हों। उन्होंने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए एडीएमएम-प्लस के साथ व्यावहारिक, दूरदर्शी और परिणामोन्मुखी सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की।

हिंद-प्रशांत में स्वतंत्र परिवहन के लिए प्रतिबद्ध

उन्होंने समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र समझौता (UNCLOS))1982 सहित अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय जल में नौवहन, हवाई उड़ान और निर्बाध वैध व्‍यापार की स्वतंत्रता के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। राजनाथ सिंह ने स्थायी शांति और वैश्विक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बातचीत और कूटनीति भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “यह युद्ध का युग नहीं है।” उन्होंने शांति पर महात्मा गांधी के प्रसिद्ध उद्धरण “शांति का कोई रास्ता नहीं है, केवल शांति है” का हवाला दिया।

EWG की सह-अध्यक्षता करने का दिया प्रस्ताव

राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को आसियान क्षेत्र सहित अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बताया। भारत ने आतंकवाद से निपटने पर ईडब्ल्यूजी (EWG) की सह-अध्यक्षता करने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव का एडीएमएम-प्लस ने समर्थन किया क्योंकि आतंकवाद इस क्षेत्र के देशों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

भारत-आसियान गतिविधियों की सराहना की 

राजनाथ सिंह ने भारत-आसियान गतिविधियों, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में महिलाओं के लिए पहल और समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण नियंत्रण में आसियान सदस्य देशों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की।

रक्षा मंत्री ने एक्स (x) पर कहा 

राजनाथ सिंह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया चैनल एक्स (पहले ट्विटर) में एक पोस्ट में साझा किया कि जकार्ता में 10वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक – प्लस (एडीएमएम-प्लस) में भाग लिया और क्षेत्र में शांति, समृद्धि और सुरक्षा के लिए आसियान और प्लस देशों के बीच सहयोग को गहरा करने की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए। हम आसियान क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए एडीएमएम-प्लस के साथ व्यावहारिक, दूरदर्शी और परिणामोन्मुख सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

https://x.com/rajnathsingh/status/1725032599150878997?s=20

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आखरी अपडेट: 22nd Apr 2024