प्रतिक्रिया | Tuesday, April 16, 2024

14/03/24 | 4:18 pm

आसमान में जल्द दिखेगी अमेरिकी ‘अपाचे’ और स्वदेशी ‘प्रचंड’ की लड़ाकू विमानों की जुगलबंदी

 

अब आसमान अमेरिकी ‘अपाचे’ और स्वदेशी ‘प्रचंड’ लड़ाकू हेलिकॉप्टरों की जुगलबंदी जल्द ही नजर आयेगी। भारतीय सेना की आर्मी एविएशन कोर भी 15 मार्च को जोधपुर में अपाचे लड़ाकू हेलिकॉप्टरों का अपना पहला स्क्वाड्रन स्थापित करने जा रही है। अपाचे हेलिकॉप्टर इस साल के मई में अमेरिका से आने की उम्मीद है। गौरतलब है कि भारतीय सेना ने अमेरिका से छह अपाचे हेलिकॉप्टर हासिल करने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।

अमेरिका से मिलने वाले अपाचे हेलिकॉप्टरों को जोधपुर स्क्वाड्रन में किया जाएगा शामिल

रक्षा मंत्रालय ने 2017 में 4168 करोड़ रुपये लागत से सेना के लिए हथियारों के साथ छह अपाचे हेलिकॉप्टरों की खरीद को मंजूरी दी थी। भारतीय सेना की आर्मी एविएशन कोर को इस साल मई में अमेरिका से अपाचे हेलिकॉप्टर मिलने की उम्मीद है। अमेरिका से मिलने वाले पहले बैच के हेलिकॉप्टरों को जोधपुर की इसी स्क्वाड्रन में तैनात किया जायेगा। सेना के लिए अपाचे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि दुश्मन की किलेबंदी को भेदकर और उसकी सीमा में घुसकर हमला करने में सक्षम है।

अपाचे लड़ाकू विमान की विशेष खूबियां

पाकिस्तानी सीमा पर पश्चिमी सेक्टर के जोधपुर में वायु सेना की स्वदेशी ‘प्रचंड’ की स्क्वाड्रन और यहीं पर भारतीय सेना की अपाचे लड़ाकू हेलिकॉप्टरों की स्क्वाड्रन मिलकर काम करेगी। अपाचे लड़ाकू हेलिकॉप्टर की फ्लाइंग रेंज 550 किलोमीटर में 16 एंटी टैंक मिसाइल दागकर उसके परखच्चे उड़ाने की क्षमता रखता है। हेलिकॉप्टर के नीचे लगी बंदूकों से 30 एमएम की 1,200 गोलियां एक बार में भरी जा सकती हैं। अपाचे एक बार में 2:45 घंटे तक उड़ान भर सकता है।

भारतीय वायु सेना पहले से ही अमेरिकी कंपनी बोइंग के अपाचे अटैक हेलिकॉप्टरों पर भरोसा करती है, इसीलिए वायु सेना ने सितम्बर, 2015 में अमेरिकी सरकार और बोइंग लिमिटेड के साथ 22 अपाचे हेलिकॉप्टरों के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किये थे। वायु सेना ने पठानकोट एयरबेस पर सितम्बर, 2019 में आठ लड़ाकू अपाचे हेलिकॉप्टर तैनात किए हैं। यह शक्तिशाली और भारी हथियार ले जाने में सक्षम होने के बावजूद वजन में भारी होने की वजह से उच्च ऊंचाई वाले इलाकों में पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाते हैं। इसीलिए हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टरों की जरूरत को देखते हुए वायु सेना ने पिछले साल जोधपुर में मल्टी रोल वाले हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर स्वदेशी ‘प्रचंड’ की पहली ‘धनुष’ स्क्वाड्रन बनाई थी।

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आखरी अपडेट: 16th Apr 2024