प्रतिक्रिया | Thursday, April 18, 2024

09/11/23 | 10:34 am

एक हरित और अधिक टिकाऊ भविष्य की उम्मीद प्रदान करती है, हरित विकास संधि

नीति आयोग G20 के नेताओं की घोषणा में किए गए उल्लेख के अनुसार नीति आयोग आज गुरुवार (9 नवंबर) को ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (CEEW) के साथ मिलकर भारत में “टिकाऊ भविष्य के लिए हरित विकास संधि (GDP)” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य G20 नई दिल्ली नेताओं की घोषणा के अनुरूप भारत में हरित विकास एजेंडा को लागू करने से संबंधित चर्चाओं और कार्यों को सुविधाजनक बनाना है।

G20 की भारत की अध्यक्षता ने ग्लोबल चुनौतियों के बीच सहकारी समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया और हरित विकास समझौते पर G20 नई दिल्ली नेताओं की घोषणा को स्वीकार किया जाना सफलतापूर्वक सुनिश्चित किया। 

क्या है हरित विकास संधि (Green Development Pact) ?
जलवायु परिवर्तन आज हमारे सामने सबसे गंभीर वैश्विक चुनौतियों में से एक है, जिसके लिए सहयोगात्मक प्रयासों और नवीन समाधानों की आवश्यकता है। 
G20 शिखर सम्मेलन 2023 प्रमुख रूप से जलवायु मुद्दों पर केंद्रित था, और 9 सितंबर को सतत भविष्य के लिए हरित विकास संधि नामक एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। हरित विकास संधि (GDP) यह मानती है कि वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियाँ तभी समृद्ध हो सकती हैं जब वर्तमान विकास और अन्य नीति विकल्प और कार्य पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ प्रथाओं और समावेशी आर्थिक विकास का समाधान करते हैं। 

यह हरित विकास समझौता क्यों महत्वपूर्ण है? 
इस वर्ष उत्तरी अमेरिका से लेकर यूरोप और एशिया तक दुनिया के कई हिस्सों में जलवायु संबंधी आपदाएँ देखी हैं। वर्ष 2023 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने के लिए 2030 तक के कार्य एजेंडे के मध्य बिंदु पर भी है। कोविड महामारी से बाहर आते हुए, विकास का हमारा मार्ग काफी हद तक हरित और सहयोगात्मक मार्ग में निहित है। भारत की G20 प्राथमिकताओं में जलवायु संकट से निपटने के लिए अगले दशक में कार्यों के रोडमैप के साथ “हरित विकास समझौता” और विकास के लिए डेटा पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग शामिल है। यही कारण है कि यह समझौता महत्वपूर्ण है।

हरित विकास संधि, एक हरित और अधिक टिकाऊ भविष्य की आशा प्रदान करती है 
इस वर्ष हुए G20 शिखर सम्मेलन में चर्चा की जाने वाली हरित विकास संधि, एक हरित और अधिक टिकाऊ भविष्य की उम्मीद प्रदान करती है। जलवायु परिवर्तन के खिलाफ इस लड़ाई में राष्ट्रों को एकजुट करके, यह महत्वाकांक्षी पहल कार्बन तटस्थता, सतत विकास, हरित निवेश और जलवायु लचीलेपन पर केंद्रित है। यदि इसको प्रभावी ढंग से कार्यान्वित किया जाता है, तो यह समझौता स्वच्छ और अधिक टिकाऊ प्रथाओं के लिए ग्लोबल परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त कर सकता है, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम कर सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर दुनिया सुनिश्चित कर सकता है।

वर्कशॉप से सरकार के विभिन्न विचार एक मंच पर आएंगे 
इस वर्कशॉप से ऊर्जा, पर्यावरण, जलवायु और आपदा संबंधी सुदृढ़ता से जुड़े क्षेत्रों में काम करने वाले विशेषज्ञों, उद्यमियों, नवप्रवर्तकों, शिक्षाविदों, थिंक-टैंक के प्रतिनिधियों और सरकार के विभिन्न विचार एक मंच पर आएंगे और आगे बढ़ने के रास्ते और G20 नई दिल्ली नेताओं की घोषणा में उल्लिखित उद्देश्यों एवं परिणामों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक संसाधनों की पहचान होगी।

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आखरी अपडेट: 17th Apr 2024