04/12/23 | 1:47 pm

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चक्रवाती तूफान मिचौंग: तमिलनाडु के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी,144 ट्रेनें कैंसिल

मौसम विभाग ने चक्रवात मिचौंग के मद्देनजर तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए रेड अलर्ट जारी कर सोमवार को भारी बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की है। पीएम मोदी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। चक्रवाती तूफान मिचौंग के आज तमिलनाडु के तटीय इलाकों से टकराने की आशंका जताई जा रही है। राज्य सरकारों ने अपने-अपने इलाकों में सभी सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए टीमों का अलर्ट कर दिया है।

144 ट्रेनें कैंसिल 

मौसम विभाग के अलर्ट के बाद आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और तमिलनाडु के स्कूलों को भी बंद कर दिया गया है, साथ ही प्राइवेट कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम करने का आदेश दिया गया है। चक्रवात की स्थिति को देखते हुए साउथ सेंट्रल रेलवे ने भी 144 ट्रेनें कैंसिल कर दी हैं।

कई जिलों में धारा 144 लागू  

चक्रवात 'मिचौंग' के मद्देजनर पुडुचेरी जिला प्रशासन ने समुद्र तट के करीब तटीय क्षेत्रों पर आईपीसी की धारा 144 लगा दी गई है। जान-माल और किसी भी नुकसान को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने शाम 7 बजे से समुद्र तट के पास के तटीय इलाकों में सभी व्यक्तियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

चेन्नई में आज रात 11 बजे तक उड़ानें बंद 

चेन्नई में  शहर में खराब मौसम के  कारण आज रात 11 बजे तक हवाई जहाज के उड़ानों पर भी  रोक लगा दी गई है। एक आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को छह महीने तक की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है। भारतीय मौसम विभाग ने शुक्रवार को 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरी तटीय तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 दिसम्बर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है। 

मौसम विभाग के अनुसार की सोमवार सुबह अनुसार 05:30 बजे दक्षिण आंध्र प्रदेश और निकटवर्ती उत्तरी तमिलनाडु तटों से चेन्नई से लगभग 110 किमी पूर्व-उत्तरपूर्व,नेल्लोर से 190 किमी दक्षिणपूर्व, पुडुचेरी से 210 किमी उत्तरपूर्व, बापटला से 310 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व और मछलीपट्टनम से 330 किमी दक्षिणपूर्व में केंद्रित है।

पीएम मोदी ने की अपील 

प्रधानमंत्री मोदी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार राज्य सरकारों के संपर्क में है। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने तमिलनाडु, पुडुचेरी, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बीजेपी कार्यकर्ताओं से राहत और बचाव प्रयासों में शामिल होने और स्थानीय प्रशासन की मदद करने की अपील की है। सरकार ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी से बात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया है। 

साइक्लोन मिचौंग

मिचौंग तूफान नाम म्यांमार ने दिया है।। इसका मतलब ताकत और लचीलापन होता है। मिचोंग साइक्लोन साल 2023 में बंगाल की खाड़ी का चौथा और हिंद महासागर में बनने वाला छठा तूफान है।

चक्रवात के बारे में

विध्वंसकारी झंझावातों को आमतौर पर चक्रवात (Cyclone) कहते हैं। चक्रवात तटीय क्षेत्रों की तरफ गतिमान होते हैं और आक्रामक पवनों के कारण आमतौर पर भारी वर्षा एवं विध्वंस के लिए जाने जाते हैं । ये तूफान हिंद महासागर में  ‘चक्रवात’ ; अटलांटिक महासागर में ‘हरीकेन’ ;  पश्चिम प्रशांत महासागर और दक्षिण चीन सागर में ‘टाइफून’, जापान में ‘टेफू’ और पश्चिमी आस्ट्रेलिया में ‘विली- विलीज’ के नाम से जाने जाते हैं ।

एक चक्रवात के केंद्रीय भाग में वायु भार सबसे कम होता है । यहां वातावरण शांत रहता है और हवा की गति भी कम रहती है यहां का तापमान अधिक रहता है । महासागरों से निरंतर होने वाली आर्द्रता की आपूर्ति से ये तूफान अधिक प्रबल होते हैं । चूँकि स्थल पर पहुँचकर आर्द्रता की आपूर्ति रुक जाती है, इसलिए ये तूफान तट पर आकर क्षीण होकर समाप्त हो जाते हैं। 

चक्रवात मुख्यत: 2 प्रकार के होते हैं 

उष्ण-कटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclones) 

ऐसे झंझावात जिनकी उत्पत्ति उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों (अर्थात 23°N -23°S अक्षांश के बीच के क्षेत्र) के महासागरों में  होती है । भारत ऐसे चक्रवातों से विशेष तौर पर प्रभावित है ।

शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Extra-Tropical or Temperate cyclones)

ऐसे  चक्रवात जो उष्ण कटिबंध से दूर, मध्य व उच्च अक्षांशों में (35° N- 65° N एवं 35° S- 65° S अक्षांशों के मध्य) विकसित होते हैं, उन्हें बहिरूष्ण या शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Extra-Tropical or Temperate cyclones) कहते हैं । ये चक्रवात आमतौर पर विनाशकारी नहीं होते हैं ।