प्रतिक्रिया | Monday, April 22, 2024

04/12/23 | 4:20 pm

दुनिया के पहले चलते-फिरते अस्पताल का गुरुग्राम में उद्घाटन,जानिए इस अस्पताल की खास विशेषताएं  

देश की राजधानी दिल्ली के निकट गुरुग्राम में शनिवार को दुनिया का पहला पोर्टेबल अस्पताल शनिवार को शुरू कर दिया गया है। एक मायने में ये चलता फिरता अस्पताल है और इससे भी खास बात ये है कि इसे बनाने में किसी विदेशी टेक्नोलॉजी या किसी विदेशी इंजीनियर का सहयोग नहीं लिया गया है। भारत के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों द्वारा इसे डिजाइन किया गया है।

स्वदेशी रूप से निर्मित 'आरोग्य मैत्री क्यूब 

पैकर्स प्रोडक्ट्स के प्रबंध निदेशक अमित चौधरी ने बताया, 'हमने इस तरह अस्पताल को डिजाइन किया है। इसे किसी भी आपातकालीन क्षेत्र या आपदा प्रभावित क्षेत्र हो,चाहें वह भूकंप,बाढ़, जंगल की आग यहां तक कि युद्ध का मैदान हो आपातकालीन स्थल पर एक घंटे के भीतर पहुंचकर इसे स्थापित किया जा सकता है।

15 मिनट के भीतर सर्जिकल स्टेशन की स्थापना करने में सक्षम 

यह बुलेट के घावों का इलाज करने में सक्षम है और किसी भी समय 200 रोगियों का इलाज कर सकता है। भीष्म भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग हित और मैत्री बल के प्रमुख एयर वाॅइस मार्शल तन्मय रॉय ने दावा किया कि किसी भी आपदा के दौरान 15 मिनट के भीतर सर्जिकल स्टेशन स्थापित किया जा सकता है।कोई अन्य एजेंसी ऐसा करने में सक्षम नहीं है,और हम अपने लोगों को नियमित रूप से प्रशिक्षित करते हैं ताकि पहुंचने के 15 मिनट के भीतर इस सर्जिकल स्टेशन को स्थापित कर सकें। 

आरोग्य मैत्री परियोजना के तहत हुआ निर्माण 

पोर्टेबल अस्पताल को आरोग्य मैत्री क्यूब के नाम से जाना जाता है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई “आरोग्य मैत्री परियोजना” के तहत निर्मित किया गया है, इस अस्पताल स्वास्थ्य मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।

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आखरी अपडेट: 22nd Apr 2024