प्रतिक्रिया | Friday, April 19, 2024

13/01/24 | 2:30 pm

नीति आयोग और डब्ल्यूएफपी ने किया श्री अन्न पर आधारित प्रेरक कहानियों के संग्रह को लाॅन्च,जागरूकता बढ़ाने में मददगार 

भारत सहित एशियाई और अफ्रीकी देशों के अनुभवों को प्रदर्शित करने वाली क्षेत्रीय कहानियों का एक संग्रह बीते शुक्रवार को नई दिल्ली में लॉन्च किया गया। यह संग्रह दुनिया भर में बाजरा को अपनाने पर क्षमता निर्माण और सर्वोत्तम तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। इस सार-संग्रह में श्री अन्न (बाजरा) जैसी पारंपरिक जलवायु वाली फसलों के बारे में सीखने और निवेश करने में प्रेरणादायक कहानियों के जरिये दुनिया को मोटे अनाजों को लेकर जागरूकता फैलाने में मदद करेगा।

बता दें कि मोटे अनाजों के बारे में जागरूकता फैलाने का पहल नीति आयोग और विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के सहयोग से जुलाई 2022 में शुरू किया गया था। एशिया और अफ्रीका में श्री अन्न को महत्व देने के लिए यह पहल अच्छी प्रथाओं को अपनाने और आदान-प्रदान करने के सफल कार्यान्वयन का प्रतीक है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सुमन बेरी ने कहा कि भारत ने अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष 2023 के दौरान जलवायु लचीलापन, खाद्य सुरक्षा और छोटे किसानों, विशेषकर महिलाओं की आजीविका के लिए श्री अन्न या बाजरा को सफलतापूर्वक बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि बाजरा को मुख्यधारा में लाने की ये कहानियाँ लोगो को प्रेरित करेंगी। 

बाजरे को और अधिक लोकप्रिय बनाया जाना चाहिए : सुमन बेरी 

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि “बाजरा को और अधिक लोकप्रिय बनाया जाना चाहिए क्योंकि श्री अन्न के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, खासकर स्वस्थ जीवनशैली के लिए श्री अन्न काफी महत्वपूर्ण है। इसी बीच डब्ल्यूएफपी, भारत की कंट्री डायरेक्टर एलिजाबेथ फॉरे ने इस बात पर जोर दिया कि छोटे किसानों की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञों के द्वारा लोगों में मोटे को लोकर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि यह संग्रह मोटे अनाज को मुख्यधारा की खाद्य प्रणालियों में शामिल करने के लिए लोगो को प्रेरित करेगा। जो दक्षिण-दक्षिण सहयोग और संवादों के जरिये निर्णय लेने और आदान-प्रदान करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगा। मुख्य भोजन के रूप में बाजरा/मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए आहार के विविधीकरण और निवेश और उत्पादकता के वृद्धि पर भी चर्चा हुई।

पोषकता से भरपूर होते हैं मोटे अनाज 

बाजरा/मोटे अनाज में आठ फसलों को रखा गया है जिसमें सोरघम (ज्वार),पर्ल बाजरा (बाजरा),फिंगर बाजरा (रागी), लिटिल बाजरा (कुटकी), फॉक्सटेल बाजरा (काकुन), प्रोसो बाजरा (चीना), बार्नयार्ड बाजरा (सावा), कोडो बाजरा (कोडोन) और अन्य बाजरा जो मनुष्यों के लिए ज्ञात सबसे पुराने खाद्य पदार्थों में से एक है। बाजरा भारत में खेती की जाने वाली पहली फसलों में से एक थी, जिसके कई साक्ष्य सिंधु घाटी सभ्यता के दौरान इसकी खपत की ओर इशारा करते हैं। बाजरा छोटे बीज वाली घासों में वर्गीकृत करने के लिए एक सामान्य शब्द है जिसे अक्सर पोषक-अनाज या ड्राईलैंड-अनाज कहा जाता है।

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आखरी अपडेट: 18th Apr 2024