प्रतिक्रिया | Tuesday, April 16, 2024

11/03/24 | 11:31 am

पीएम मोदी ने ‘सशक्त नारी-विकसित भारत’ कार्यक्रम में ‘नमो ड्रोन दीदियों’ को सौंपे ड्रोन, कहा- ‘देश में 1 करोड़ से ज्यादा बहनें बन चुकी हैं लखपति दीदी’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (सोमवार) सुबह राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'सशक्त नारी-विकसित भारत' कार्यक्रम में 'नमो ड्रोन दीदियों' को ड्रोन सौंपे। इस दौरान पीएम मोदी ने दीदियों को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि कोई भी देश हो, कोई भी समाज हो, वो नारी शक्ति की गरिमा बढ़ाते और उनके लिए नए अवसर बनाते हुए ही आगे बढ़ सकता है। कोई भी समाज तभी समृद्ध हो सकता है जब उसकी नारी शक्ति समृद्ध हो। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि देश में 1 करोड़ से ज्यादा बहनें पिछले दिनों अलग-अलग योजनाओं और प्रयासों के कारण लखपति दीदी बन चुकी हैं।

पीएम मोदी ने 'सशक्त नारी विकसित भारत' कार्यक्रम को लेकर कहा, यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण के लिहाज से बहुत ऐतिहासिक है। मुझे नमो ड्रोन दीदी अभियान के तहत 1,000 आधुनिक ड्रोन महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को सौंपने का अवसर मिला। देश में 1 करोड़ से ज्यादा बहनें पिछले दिनों अलग-अलग योजनाओं और प्रयासों के कारण लखपति दीदी बन चुकी हैं। ये आंकड़ा छोटा नहीं है।
 
पीएम ने कहा, गांव में एक बहन अपने उद्यम से हर महीने 60-70 हजार रुपये कमाती हैं। मैं जब ये सुनता हूं, देखता हूं तो मेरा विश्वास बहुत बढ़ जाता है। आपको आश्चर्य होगा कभी-कभी आप जैसे लोगों से छोटी-छोटी बातें सुनने को मिल जाती है तो मुझे विश्वास बढ़ जाता है कि हम सही दिशा में हैं, देश का जरूर कुछ भला होगा। 

हमें 3 करोड़ लखपति दीदी के आंकड़े को पार करना है

आगे जोड़ते हुए उन्होंने कहा, हम योजना तो बनाएं हैं लेकिन उस योजना को पकड़कर आप जो लग जाते हैं ना और आप परिणाम दिखाते हैं और उस परिणाम के कारण सरकारी बाबुओं को भी लगता है कि कुछ अच्छा हो रहा है तो काम तेजी से बढ़ता है। इसी के कारण जब मैंने ये फैसला लिया कि मुझे अब 3 करोड़ लखपति दीदी के आंकड़ो को पार करना है। इसी  उद्देश्य से आज 10 हजार करोड़ रुपये की राशि भी इन दीदीयों के खातों में ट्रांसफर की गई है। इसी के साथ पीएम मोदी ने सभी बहनों को बधाई दी। 

पिछली सरकारों में महिलाएं प्राथमिकता नहीं रहीं

पीएम ने कहा, कोई भी देश हो, कोई भी समाज हो वो नारी शक्ति की गरिमा बढ़ाते हुए, उनके लिए नए अवसर बनाते हुए ही आगे बढ़ सकता है लेकिन दुर्भाग्य से देश में पहले जो सरकारें रहीं उनके लिए आप सभी महिलाओं का जीवन, आपकी मुश्किलें कभी प्राथमिकता ही नहीं रही और आपको आपके नसीब पर छोड़ दिया। पीएम मोदी ने अपने अनुभव के बतौर कहा, थोड़ा अगर अवसर मिल जाए, थोड़ा अगर उनको सहारा मिल जाए, तो फिर उनको सहारे की जरूरत नहीं रहती है, वे खुद लोगों का सहारा बन जाती है। 

मैं पहला प्रधानमंत्री हूं जिसने लाल किले से महिलाओं के लिए शौचालय की बात की

पीएम ने कहा, ये मैंने तब ज्यादा महसूस किया जब लाल किले से मैंने महिला सशक्तिकरण के बारे में बात करनी शुरू की। मैं पहला प्रधानमंत्री हूं जिसने लाल-किले से हमारी माताओं-बहनों को शौचालय न होने के विषय में जो मुश्किलें होती हैं उस पीड़ा को मैंने व्यक्त किया था। आगे जोड़ते हुए उन्होंने कहा, मैं पहला प्रधानमंत्री हूं जिसने लाल-किले से सैनिटरी पैड्स का विषय उठाया था। मैं पहला प्रधानमंत्री हूं जिसने लाल-किले से कहा कि रसोई में लकड़ी पर खाना बनाती हमारी माताएं-बहनें 400 सिगरेट के जितना धुआं हर रोज बर्दाश्त करती हैं। 

मैं पहला प्रधानमंत्री हूं जिसने घर में नल से जल न आने पर आप सभी महिलाओं को होने वाली परेशानी का जिक्र किया। इसके लिए जल जीवन मिशन का ऐलान किया। मैं पहला प्रधानमंत्री हूं जिसने लाल-किले से हर महिला के पास बैंक खाते होने की जरूरत पर बात कही। मैं पहला प्रधानमंत्री हूं जिसने लाल-किले से आप महिलाओं के खिलाफ बोले जाने वाले अपमानजनक शब्दों का विषय उठाया। मैं पहला प्रधानमंत्री हूं जिसने कहा कि बेटी तो अगर देर से घर आती है शाम तो मां-बाप भाई सब पूछते हैं कहा गई थी, क्यों देर हो गई लेकिन ये दुर्भाग्य है कि कोई मां-बाप अपने बेटे के देरी से घर आने पर पूछता नहीं कि बेटा कहां गया था, क्यों ? 

माताओं-बहनों को हमने परेशानियों से निजात दिलाई 

पीएम ने कहा मैं आज देश की हर महिला, हर बहन, हर बेटी को ये बताना चाहता हूं जब-जब मैंने लाल किले से आपके सशक्तिकरण की बात की दुर्भाग्य से कांग्रेस जैसे राजनीतिक दल, उन्होंने मेरा मजाक उड़ाया, मेरा अपमान किया। उन्होंने कहा, मोदी की संवेदनाएं और मोदी की योजनाएं जमीन से जुड़े जीवन के अनुभवों से निकली है। पीएम ने कहा, बचपन में जो अपने घर में देखा, अपने आस-पड़ोस में देखा, फिर देश के गांव-गांव में अनेक परिवारों के साथ रहकर अनुभव किया, वही आज मोदी की संवेदनाओं और योजनाओं में झलकता है। इसीलिए ये योजनाएं मेरी माताओं, बहनों, बेटियों के जीवन को आसान बनाती है, उनकी मुश्किलें कम करती है। सिर्फ अपने परिवार के लिए सोचने वाले परिवारवादी नेताओं को ये बात कतई समझ नहीं आ सकती है। देश की करोड़ों माताओं-बहनों को मुश्किलों से मुक्ति दिलाने की सोच हमारी सरकार की अनेक योजनाओं का आधार रही है। 

2014 के बाद महिलाओं के लिए बनाई योजना 

पीएम ने कहा, 2014 में सरकार में आने के बाद में मैंने महिलाओं के जीवन चक्र के हर पड़ाव के लिए योजनाएं बनाई और उन्हें सफलतापूर्वक लागू किया। आज पहली सांस से लेकर आखिरी सांस तक मोदी कोई न कोई योजना लेकर भारत की बहन-बेटियों की सेवा में हाजिर हो जाता है। गर्भ में बेटी की हत्या न हो इसके लिए हमने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया। गर्भ की अवस्था में मां को सही पोषण मिले, इसके लिए हर गर्भवती को 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी। जन्म के बाद बेटी को पढ़ाई में मुश्किल न हो, इसके लिए ज्यादा ब्याज देने वाली सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की। बड़ी होकर बेटी काम करना चाहे तो आज उसके पास मुद्रा योजना का इतना बड़ा साधन है। बेटी के करियर पर प्रभाव न पड़े तो इसके लिए हमने प्रेगनेंसी लीव को भी बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया। 
केवल इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा) में ‘नमो ड्रोन दीदियों’का कृषि ड्रोन प्रदर्शन भी देखने पहुंचे। इसमें देशभर के 10 अलग-अलग स्थानों से नमो ड्रोन दीदियां शामिल हुईं। उल्लेखनीय है कि नमो ड्रोन दीदी और लखपति दीदी पहल, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच आर्थिक सशक्तिकरण और वित्तीय स्वायत्तता को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का अभिन्न अंग हैं।

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आखरी अपडेट: 16th Apr 2024