प्रतिक्रिया | Monday, April 22, 2024

18/07/23 | 9:57 am

‘भारत दाल’ ब्रांड के तहत केंद्र सरकार दे रही सस्ती दाल, 60 से 55 रुपये किलो कीमत तय

भारी बारिश, बाढ़ जैसे कई अप्रत्याशित संकट की वजह से बढ़ती महंगाई से आम आदमी को राहत देने के लिए केंद्र सरकार अलग-अलग तरह के कदम उठा रही है। हाल ही में टमाटर से राहत देने के बाद अब लोगों को सस्ती दाल उपलब्ध करा रही है।

60 रुपए किलो मिलेगी दाल 
 
जी हां अब लोगों को 'भारत दाल' ब्रांड के तहत एक किलोग्राम पैक के लिए 60 रुपये प्रति किलोग्राम और 30 किलो पैक के लिए प्रति किलो 55 रुपये की दर से सब्सिडी वाली चना दाल उपलब्ध कराया जा रहा है।

नाफेड के खुदरा आउटलेट पर चना दाल की बिक्री 

केंद्रीय उपभोक्ता कार्यक्रम, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल ने 'भारत दाल' ब्रांड के तहत सब्सिडी वाली चना दाल के बिक्री कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दिल्ली-एनसीआर में राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नाफेड) के खुदरा आउटलेट चना दाल की बिक्री कर रहे हैं। 'भारत दाल' की शुरुआत, सरकार के चना स्टॉक को चना दाल में परिवर्तित कर के उपभोक्ताओं को किफायती कीमतों पर दालें उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
 
नाफेड के माध्यम से चना का वितरण
 
गौरतलब हो नाफेड द्वारा चना दाल का वितरण किया जा रहा है और पैकेजिंग दिल्ली-एनसीआर में अपने खुदरा दुकानों और एनसीसीएफ, केंद्रीय भंडार तथा सफल के आउटलेट के माध्यम से की जाती है। इस व्यवस्था के तहत चना दाल राज्य सरकारों को उनकी कल्याणकारी योजनाओं पुलिस जेलों और इनके उपभोक्ता सहकारी दुकानों को भी वितरण के लिए उपलब्ध कराई जाती है। 

इससे पहले टमाटर की कीमतों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी को देखते हुए खाद्य मंत्रालय पिछले शक्रुवार से नेफेड और एनसीसीएफ आउटलेट्स और मोबाइल वनै की मदद से 80 रुपये प्रति किलोग्राम के सस्ते दर पर दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई बड़े शहरों में उपभोक्ताओं को टमाटर उपलब्ध करा रहा है।

चना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
 
चने के कई पोषण संबंधी स्वास्थ्य लाभ हैं, क्योंकि यह फाइबर, आयरन, पोटेशियम, विटामिन बी, सेलेनियम बीटा कैरोटीन और कोलीन से भरपूर है जो मानव शरीर को एनीमिया, रक्त शर्करा, हड्डियों के स्वास्थ्य और यहां तक कि मानसिक स्वास्थ्य को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक होते हैं।

भारत में चना का कई रूपों में उपयोग
 
​बता दें कि भारत में चना दाल सबसे अधिक मात्रा में उत्पादित होने वाली दाल है और भारत में अलग-अलग रूपों में इसका उपयोग किया जाता है। सलाद बनाने के लिए साबुत चने को भिगोकर उबाला जाता है और भुने चने को नाश्ते के रूप में परोसा जाता है। तली हुई चना दाल का उपयोग अरहर दाल, करी और सूप के विकल्प के रूप में भी किया जा सकता है। चना बेसन नमकीन और मिठाइयों के लिए एक प्रमुख सामग्री है।

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आखरी अपडेट: 22nd Apr 2024