प्रतिक्रिया | Saturday, April 13, 2024

02/11/23 | 4:30 pm

भारत ने ब्‍लैच्‍ले घोषणापत्र पर किए हस्‍ताक्षर, AI संबंध‍ित जोखिम पर आकलन के लिए जताई सहमति   

भारत ने विश्व के पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सुरक्षा समझौता किया है। इस क्रम में भारत ने 27 अन्य देशों और यूरोपीय संघ के साथ ब्रिटेन में आयोजित एक बैठक में यह समझौता किया। इस समझौते में सभी देशों ने संकल्प लिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित जोखिमों के आकलन का काम मिलकर किया जाएगा। 

क्या है ब्‍लैच्ले घोषणा पत्र ? 

ज्ञात हो, दो दिवसीय AI सेफ्टी समि‍ट-2023 ब्‍लैच्ले पार्क में ब्रिटेन के द्वितीय विश्व युद्ध कोड ब्रेकिंग सेंटर में 1 नवंबर को शुरू हुआ। इसे लेकर ब्रिटेन सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि इस समझौते को ब्‍लैच्ले घोषणा के नाम से जाना जाएगा।

भविष्य को सुनिश्चित करने में सहायक

इस संबंध में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा है कि ''यह घोषणा एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो यह दर्शाती है कि विश्व की महानतम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शक्तियां प्रौद्योगिकी के जोखिमों को समझने के पीछे शीघ्रता पर सहमत हैं, जो हमारे बच्चों और उनकी भावी पीढ़ियों के दीर्घकालिक भविष्य को सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होंगी।''

AI को स्‍पष्‍टता, सुरक्षा और विश्वास से देखता है भारत

वहीं विश्व के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर पहले वैश्विक समिट को संबोधित करते हुए केन्द्रीय इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को स्‍पष्‍टता, सुरक्षा और विश्वास से देखता है।

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आखरी अपडेट: 13th Apr 2024