प्रतिक्रिया | Wednesday, April 24, 2024

27/07/23 | 12:17 pm

रसायन आयात पर देश की निर्भरता कम होगी, PLI को लेकर विचार: केंद्रीय वित्त मंत्री

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा भारत तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रसायन आयात पर देश की निर्भरता कम की जा सकती है। महज इतना ही नहीं, आगे जोड़ते हुए उन्होंने कहा रासायनिक क्षेत्र से होने वाले आयात की कई वस्तुओं का उत्पादन भारत में हो सकता है। इस क्षेत्र में कौशल विकास के लिए विशेष कार्यक्रमों की जरूरत है। 

दुनिया अपने घरेलू बाजारों के लिए भारत की तरफ देख रही

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को भारत में वैश्विक रसायन और पेट्रोकेमिकल विनिर्माण केंद्र विषय पर एक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने कहा दुनिया अपने घरेलू बाजारों के लिए भारत की तरफ देख रही है। 

सबसे बड़ी चुनौती प्रदूषण नियंत्रण

हालांकि केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा इस क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती प्रदूषण को नियंत्रित करना है। 

PLI को लेकर किया जा रहा विचार 

केंद्रीय वित्त मंत्री के संबोधन के दौरान एक अहम बात यह भी निकलकर सामने आई कि पेट्रो केमिकल सेक्टर के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम यानी PLI को लेकर भी विचार किया जा रहा है। चूंकि भारत रसायनों और पेट्रोकेमिकल्स के लिए एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की आकांक्षा रखता है, इसलिए रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विभाग इस क्षेत्र के लिए PLI लाने का इरादा रखता है। रसायन और पेट्रोकेमिकल सेक्टर स्थिर गति से प्रगति कर रहा है और यह क्षेत्र भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को साकार करने में एक प्रमुख योगदानकर्ता होगा। 

सरकार पेट्रोकेमिकल सेक्टर के विकास को दे रही बढ़ावा 

ऐसे में सरकार द्वारा रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए अथक प्रयास किए जा रहे हैं। इस क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए और उद्योग के मुद्दों को संबोधित करने की दिशा में 'पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय' जैसे अन्य मंत्रालयों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को संबोधित करने की प्रक्रिया बीते वर्ष शुरू की जा चुकी है। 

याद हो, बीते वर्ष 'इंडिया केम-2022' में भारत के रसायन और पेट्रोकेमिकल्स उद्योग की विकास संभावनाओं पर एक प्रस्तुति दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि मजबूत विकास चालकों के साथ, यह क्षेत्र वैश्विक रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग की तुलना में तेजी से बढ़ने के लिए तैयार है। पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में स्वचालित मार्ग से 100% एफडीआई की अनुमति है। इन्हीं संभावनाओं के मद्देनजर सरकार तेजी से कार्य कर रही है ताकि भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य साकार किया जा सके।

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आखरी अपडेट: 24th Apr 2024