प्रतिक्रिया | Wednesday, April 24, 2024

22/11/23 | 12:30 pm

राज्य शिक्षा उपलब्धि का पहला सर्वेक्षण सफलता पूर्वक सम्पन्न,80 लाख स्कूली छात्रों ने लिया भाग 

देश भर में शिक्षा के क्षेत्र में मूलभूत, प्रारंभिक और माध्यमिक चरणों सहित दक्षताओं के विकास को समझने के लिए राज्य शैक्षिक उपलब्धि का सर्वेक्षण का सफलता पूर्वक सम्पन्न हो गया,जिसे PARAKH (समग्र विकास के लिए प्रदर्शन मूल्यांकन,समीक्षा और ज्ञान का विश्लेषण) द्वारा 3 नवंबर से शुरू किया गया था। सर्वे को 2020 की नई शिक्षा नीति के अनुरूप किया गया, हालांकि सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब,राजस्थान और पश्चिम बंगाल को छोड़कर अन्य सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने भाग लिया।

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस व्यापक सर्वेक्षण में देश भर के 5,917 ब्लॉकों को कवर करने वाले 3 लाख स्कूलों के लगभग 80 लाख छात्रों को शामिल किया गया। इसमें 6 लाख शिक्षक और तीन लाख से अधिक क्षेत्रीय जांचकर्ता भी शामिल थे।

सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य

इस सर्वेक्षण का प्राथमिक उद्देश्य भाषा और गणित पर प्राथमिक ध्यान देने के साथ प्रत्येक शैक्षिक चरण के अंत में बुनियादी, प्रारंभिक और मध्य में छात्रों की सीखने की दक्षता का आकलन करना था। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक छात्रों की दक्षताओं का आकलन करने के लिए वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का उपयोग करके डिजाइन किया गया था।
सर्वे के मूल्यांकन के लिए और विश्लेषण के लिए ओएमआर तकनीक के साथ कागज-कलम-आधारित रिपोर्ट शामिल किया गया, जिसने डेटा अधिग्रहण और सत्यापन की सटीकता और दक्षता को सुनिश्चित किया।

देश भर में PARAKH द्वारा आयोजित इस राज्य शैक्षिक उपलब्धि सर्वेक्षण (SEAS) 2023 की उल्लेखनीय विशेषताओं में से एक ब्लॉक स्तर पर सीखने के अंतराल को समझने के लिए नमूने का विस्तार किया गया, यह परिवर्तन बड़ी संख्या में छात्रों की जरूरतों को पूरा करने और स्कूलों में प्रदर्शन को प्रभावी ढंग से समझने के उद्देश्य से प्रेरित था। इसके अलावा, इस दृष्टिकोण में ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों के व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है।

शिक्षा मंत्रालय के तहत स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के अतिरिक्त सचिव, विपिन कुमार ने कहा कि सर्वेक्षण में लगभग 80 लाख शिक्षार्थियों का एक बड़ा नमूना शामिल किया गया। उन्होंने बताया कि विश्लेषण की बेहतर इकाई के रूप में शैक्षिक ब्लॉक के साथ यह मूल्यांकन, शिक्षा नीतियों, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों और शिक्षण और सीखने के समर्थन संसाधनों के निर्माण पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। उपलब्धि सर्वेक्षण 2023 पर एनसीईआरटी के निदेशक सकलानी ने कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि सभी राज्य या केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के सहयोगात्मक प्रयासों से संभव हुई है, जिसमें सभी ने देश में शिक्षा के अच्छे भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

परख के बारे में 

PARAKH की स्थापना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के कार्यान्वयन के लिए किया गया,जिसमें नए मूल्यांकन पैटर्न और नवीनतम शोध के बारे में स्कूल बोर्डों को सलाह देने और उनके बीच सहयोग को बढ़ावा देने और मानक का -निर्धारण करना शामिल है । यह एनसीईआरटी की एक घटक इकाई के रूप में कार्य करताी। परख प्रमुख तीन मूल्यांकन क्षेत्रों पर काम करती है, जिसमें बड़े पैमाने पर मूल्यांकन, स्कूल-आधारित मूल्यांकन और परीक्षा सुधार  शामिल है।

परख द्वारा राज्य उपलब्धि सर्वेक्षण (एसएएस) व राष्ट्रीय उपलब्धि का सर्वेक्षण (एनएएस) का मार्गदर्शन भी करता यह सीखने के परिणामों की उपलब्धि पर नजर रखता है; और स्कूल बोर्डों को 21वीं सदी की कौशल आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में अपने मूल्यांकन पैटर्न को बदलने के लिए प्रोत्साहित करने में मदद करता है।

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आखरी अपडेट: 23rd Apr 2024