22/11/23 | 1:43 pm

Print

उत्तर कोरिया 22 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच अंतरिक्ष उपग्रह ले जाने वाला रॉकेट लॉन्च करेगा

उत्तर कोरिया ने जापान से कहा है कि वह आने वाले दिनों में एक उपग्रह लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जो एक सैन्य जासूसी उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने का संभावित तीसरा प्रयास होगा। यह घोषणा अमेरिकी विमानवाहक पोत के दक्षिण कोरियाई बंदरगाह बुसान पर पहुंचने के बाद की गई ।

जापान सरकार ने मंगलवार को कहा कि उत्तर कोरिया ने उसे सूचित किया है कि वह पीले सागर और पूर्वी चीन सागर की दिशा में एक सैन्य उपग्रह ले जाने वाला रॉकेट लॉन्च करने की योजना बना रहा है। इस साल की शुरुआत में दो असफल कोशिशों के बाद जासूसी सैटेलाइट को कक्षा में भेजने का यह उसका तीसरा प्रयास है। इसे 22 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच कभी भी लॉन्च किए जाने की संभावना है। 

जापानी सरकार ने जारी की चेतावनी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जापानी सरकार ने उत्तर कोरियाई मिसाइल के संभावित खतरे से बचने के लिए दक्षिण के निवासियों के लिए आपातकालीन चेतावनी जारी की। अपनी आपातकालीन प्रसारण प्रणाली पर, जापानी सरकार ने ओकिनावा के निवासियों को इमारतों के अंदर या भूमिगत छिपने के लिए कहा। बाद में जापानी सरकार ने उत्तर कोरिया की ओर से मिसाइल गुजरने के बाद मंगलवार देर रात ओकिनावा के दक्षिणी क्षेत्र के निवासियों के लिए निकासी की चेतावनी हटा दी।

जापान के तट रक्षक ने मंगलवार को कहा कि उत्तर ने पीले सागर और पूर्वी चीन सागर की दिशा में प्रक्षेपण की सूचना दी है। दक्षिण कोरिया की राज्य समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने पिछले प्रक्षेपणों के समान क्षेत्रों के लिए नियोजित प्रक्षेपण के जहाजों को चेतावनी जारी की। उत्तर कोरिया ने इस साल की शुरुआत में दो बार जासूसी उपग्रह लॉन्च करने की कोशिश की थी लेकिन असफल रहा।

उत्तर कोरिया द्वारा मिसाइल प्रक्षेपण में जापान का जवाब 

जापानी प्रधानमंत्री ने इस घोषणा की निंदा की और कहा कि उन्होंने सरकारी एजेंसियों को “संबंधित देशों के सहयोग से जानकारी एकत्र करने और इसे जापानी लोगों को मुहैया करने के लिए हर संभव प्रयास करने का निर्देश दिया है। 21 नवंबर को जापान के प्रधान मंत्री कार्यालय (PMO) ने बताया कि उत्तर कोरिया द्वारा मिसाइल प्रक्षेपण के जवाब में प्रधान मंत्री ने कहा कि जापान के हवाई क्षेत्र से होकर गुजरने वाली बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण एक ऐसा कार्य है जो संभावित रूप से जापानी लोगों के जीवन और संपत्ति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। पीएमओ द्वारा इन निर्देशों में कहा गया की जापान सरकार उत्तर कोरिया की संभावित भविष्य की कार्रवाइयों सहित, व्यापक रूप से जानकारी एकत्र करना और उसका विश्लेषण करना जारी रखें, और संयुक्त राज्य अमेरिका, कोरिया गणराज्य और अन्य संबंधित देशों के सहयोग से कार्य करते हुए, समय पर और उचित तरीके से आवश्यक प्रतिक्रियाएँ देना जारी रखें।

दक्षिण कोरिया ने क्या कहा ?

रायटर के अनुसार दक्षिण कोरिया ने 2018 में प्योंगयांग के साथ हस्ताक्षरित सैन्य समझौते के एक हिस्से को बुधवार को निलंबित कर दिया, क्योंकि अलग-थलग उत्तर ने संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगियों की चेतावनियों को खारिज कर दिया और एक जासूसी उपग्रह लॉन्च किया, इसे सफल बताया।

सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उपग्रहों के एक बेड़े की योजना
इस बारे में मीडिया का कहना है कि दरअसल प्योंगयांग अपने अंतरिक्ष और सैन्य रॉकेट कार्यक्रमों को एक संप्रभु अधिकार मानता है, और उसने कहा है कि वह अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उपग्रहों के एक बेड़े की योजना बना रहा है।

RELATED ARTICLES

3 mins ago | 1. Famous Shakti Peeth Temples in India

शक्तिपीठों का महात्म्य : सनातन आस्था, शक्ति-साधना और भारतीय संस्कृति की अमर परंपरा

जब-जब सृष्टि में प्रेम, विरह और लोक कल्याण की गाथा रची गई, तब-तब सनातन परंपरा ने उसे अपनी आध्यात्म...