22/11/23 | 4:35 pm

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जानिए कैसे सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन में ऑगर मशीन बनेगी संकट मोचन 

उत्तराखंड के उत्तरकाशी की सिलक्यारा निर्माणाधीन सुरंग हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन के 11वें दिन श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए अच्छी खबर आई है। यहां ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का कार्य प्रगति पर है और अब तक 39 मीटर तक पाइप सुरंग के अंदर पुश हो चुके हैं। 

ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का कार्य प्रगति पर

बुधवार को पत्रकार वार्ता में सचिव उत्तराखंड शासन डॉ. नीरज खेरवाल ने बताया कि ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जब हमने 6 इंच का पाइप आरपार किया और श्रमिकों को भोजन के अलावा अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं तो उससे उनका हौसला बढ़ने लगा है। 

कम्युनिकेशन के लिए माइक्रोफोन और स्पीकर से हो रही बात

उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की टीम ने एक ऑडियो कम्युनिकेशन चैनल भी उनके साथ स्थापित किया है। अब हमें पाइप के थ्रू कम्युनिकेशन करने की जरूरत नहीं। वहां पर एक वायर के थ्रू एक माइक्रोफोन और स्पीकर भी भेजा गया है। इसकी मदद से सभी का स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना। अभी उनके लिए जैसे एक मेंटल हेल्थ का भी आस्पेक्ट होता है, उसके लिए जो हमारे एक्सपर्ट हैं, उन्होंने ही बात की है। क्योंकि इमीडीएटली एक साथ बात नहीं की जा सकती है। सभी से एक बार जो भी एक उनकी मेंटल स्थिति है, वह बात करेंगे। इसके अलावा उनसे मैंने स्वयं बात की है। 

उनको काफी अच्छे से मोटिवेट किया है। उन्हें काफी समय अपने इस रेस्क्यू अभियान के बारे में जानकारी दी तो उनमें थोड़ा उत्साह भी बना है। जैसे पाइप डाल दिया है तो वह बहुत ही पॉजिटिव है, वह लोगों ने वीडियो में भी देखा है, उनके विजुअल्स भी देखे हैं कि वह लोग काफी अच्छी मेंटल स्थिति में हैं। उनके पास फ्रेश फूड होता है, कुछ कपड़े जैसे कि आप जानते हैं।

टेलीस्कोपिक मैथड से पाइप को किया जा रहा पुश 

इस दौरान एनएचआईडीसीएल के एम.डी महमूद अहमद ने बताया कि टनल में फंसे श्रमिकों से संवाद भी हुआ है। वीडियो के माध्यम से उनकी स्थिति का पता लगा है। टनल के अंदर 900 एम.एम पाइप को 22 मीटर तक पुश किया गया था। कुछ बाधा आने के बाद ड्रिलिंग रुक गई थी। 

वर्तमान समय में टेलीस्कोपिक मैथड से 900 एमएम पाइप के अंदर से 800 एमएम के पाइप को पुश किया जा रहा है और बीती रात्रि 12:45 बजे से ऑगर मशीन से पुनः ड्रिलिंग शुरू की गयी है, जिससे अभी तक कुल 39 मीटर हमारी सुरंग में पाइप पुश हो गया है। हमारे लिए अभी काफी मेहनत की जरूरत है जब तक कि ये पाइप 45- 50 मीटर तक पुश नहीं हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे छोर बड़कोट साइड से भी हम हॉरिजेंटल ड्रिलिंग कर रहे हैं, उसमें भी हमारी तीसरी ब्लास्ट होगी। बीती रात को हम उधर से भी 8 मीटर तक प्रवेश कर चुके हैं । 

गौरतलब है कि पिछले 11 दिनों से सिलक्यारा निर्माणाधीन सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों के बचाने का जद्दोजहद अभी भी जारी है। अब उम्मीद की जानी चाहिए कि गुरुवार शाम तक ऑगर ड्रिलिंग मशीन इसी तरह से कार्य करेंगी और सभी 41 श्रमिक सुरक्षित बाहर निकाले जाएंगे।

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22/11/23 | 4:35 pm

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी की सिलक्यारा निर्माणाधीन सुरंग हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन के 11वें दिन श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए अच्छी खबर आई है। यहां ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का कार्य प्रगति पर है और अब तक 39 मीटर तक पाइप सुरंग के अंदर पुश हो चुके हैं। 

ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का कार्य प्रगति पर

बुधवार को पत्रकार वार्ता में सचिव उत्तराखंड शासन डॉ. नीरज खेरवाल ने बताया कि ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जब हमने 6 इंच का पाइप आरपार किया और श्रमिकों को भोजन के अलावा अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं तो उससे उनका हौसला बढ़ने लगा है। 

कम्युनिकेशन के लिए माइक्रोफोन और स्पीकर से हो रही बात

उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की टीम ने एक ऑडियो कम्युनिकेशन चैनल भी उनके साथ स्थापित किया है। अब हमें पाइप के थ्रू कम्युनिकेशन करने की जरूरत नहीं। वहां पर एक वायर के थ्रू एक माइक्रोफोन और स्पीकर भी भेजा गया है। इसकी मदद से सभी का स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना। अभी उनके लिए जैसे एक मेंटल हेल्थ का भी आस्पेक्ट होता है, उसके लिए जो हमारे एक्सपर्ट हैं, उन्होंने ही बात की है। क्योंकि इमीडीएटली एक साथ बात नहीं की जा सकती है। सभी से एक बार जो भी एक उनकी मेंटल स्थिति है, वह बात करेंगे। इसके अलावा उनसे मैंने स्वयं बात की है। 

उनको काफी अच्छे से मोटिवेट किया है। उन्हें काफी समय अपने इस रेस्क्यू अभियान के बारे में जानकारी दी तो उनमें थोड़ा उत्साह भी बना है। जैसे पाइप डाल दिया है तो वह बहुत ही पॉजिटिव है, वह लोगों ने वीडियो में भी देखा है, उनके विजुअल्स भी देखे हैं कि वह लोग काफी अच्छी मेंटल स्थिति में हैं। उनके पास फ्रेश फूड होता है, कुछ कपड़े जैसे कि आप जानते हैं।

टेलीस्कोपिक मैथड से पाइप को किया जा रहा पुश 

इस दौरान एनएचआईडीसीएल के एम.डी महमूद अहमद ने बताया कि टनल में फंसे श्रमिकों से संवाद भी हुआ है। वीडियो के माध्यम से उनकी स्थिति का पता लगा है। टनल के अंदर 900 एम.एम पाइप को 22 मीटर तक पुश किया गया था। कुछ बाधा आने के बाद ड्रिलिंग रुक गई थी। 

वर्तमान समय में टेलीस्कोपिक मैथड से 900 एमएम पाइप के अंदर से 800 एमएम के पाइप को पुश किया जा रहा है और बीती रात्रि 12:45 बजे से ऑगर मशीन से पुनः ड्रिलिंग शुरू की गयी है, जिससे अभी तक कुल 39 मीटर हमारी सुरंग में पाइप पुश हो गया है। हमारे लिए अभी काफी मेहनत की जरूरत है जब तक कि ये पाइप 45- 50 मीटर तक पुश नहीं हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे छोर बड़कोट साइड से भी हम हॉरिजेंटल ड्रिलिंग कर रहे हैं, उसमें भी हमारी तीसरी ब्लास्ट होगी। बीती रात को हम उधर से भी 8 मीटर तक प्रवेश कर चुके हैं । 

गौरतलब है कि पिछले 11 दिनों से सिलक्यारा निर्माणाधीन सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों के बचाने का जद्दोजहद अभी भी जारी है। अब उम्मीद की जानी चाहिए कि गुरुवार शाम तक ऑगर ड्रिलिंग मशीन इसी तरह से कार्य करेंगी और सभी 41 श्रमिक सुरक्षित बाहर निकाले जाएंगे।