केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और दिव्यांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) के लिए छात्रवृत्ति आवेदनों और बकाया छात्रवृत्ति राशि की स्थिति स्पष्ट की है। साथ ही, नशामुक्ति केंद्रों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के बजट आवंटन का विवरण भी राज्यसभा में साझा किया गया है। सरकार ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों की कल्याणकारी योजनाओं के लिए तीन वर्षों में कुल 1,801.97 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। वहीं, श्रेयस-एससी के तहत कोई छात्रवृत्ति आवेदन लंबित नहीं है और कोई छात्रवृत्ति बकाया नहीं है।
राज्यसभा में लिखित जवाब में दी जानकारी
राज्यसभा में डॉ. मेनका गुरुस्वामी के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने छात्रवृत्ति योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति और अन्य के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति तथा अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति केंद्र प्रायोजित योजनाएं हैं, जो खुली और मांग-आधारित हैं।
डीबीटी के जरिए जारी होती है छात्रवृत्ति
सरकार ने बताया कि छात्रवृत्तियां प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में जारी की जाती हैं। केंद्र सरकार के हिस्से का जारी होना संबंधित राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा अपने हिस्से की राशि जारी करने और अंतिम रूप से सत्यापित भुगतान डेटा को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपलोड करने पर निर्भर करता है।
श्रेयस-एससी में कोई आवेदन लंबित नहीं
अनुसूचित जाति के युवा उपलब्धि हासिल करने वालों के लिए उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति की केंद्रीय क्षेत्र योजना ‘श्रेयस-एससी’ के तहत सरकार ने कहा कि कोई भी छात्रवृत्ति आवेदन लंबित नहीं है और कोई छात्रवृत्ति बकाया नहीं है।
नशामुक्ति केंद्रों के बजट में कमी नहीं
नशामुक्ति केंद्रों के लिए बजट आवंटन के संबंध में सरकार ने स्पष्ट किया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान आवंटन में कोई कमी नहीं की गई है। सरकार ने इस अवधि के दौरान नशामुक्ति केंद्रों के लिए बजट प्रावधान को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि आवंटन में कटौती नहीं हुई है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1,801.97 करोड़ रुपए
वरिष्ठ नागरिकों की कल्याणकारी योजनाओं के लिए 2023-24 में 705.11 करोड़ रुपए, 2024-25 में 539.44 करोड़ रुपए और 2025-26 में 557.42 करोड़ रुपए आवंटित किए गए। इस तरह तीन वर्षों की अवधि में कुल 1,801.97 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।
पीएम-यशस्वी में चार उप-योजनाएं
सरकार ने बताया कि ओबीसी और अन्य समुदायों के लिए समृद्ध भारत हेतु प्रधानमंत्री युवा उपलब्धि छात्रवृत्ति पुरस्कार योजना (पीएम-यशस्वी) में चार उप-योजनाएं शामिल हैं। इनमें प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक, स्कूलों में उच्च स्तरीय शिक्षा और कॉलेजों में उच्च स्तरीय शिक्षा के घटक शामिल हैं। इनका लाभ ओबीसी, ईबीसी और डीएनटी छात्रों को मिलता है। प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक केंद्र प्रायोजित योजनाएं हैं। इनकी प्रक्रिया, सत्यापन, स्वीकृति और वितरण संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन द्वारा किया जाता है, जबकि केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को धनराशि जारी करती है। स्कूलों में उच्च स्तरीय शिक्षा और कॉलेजों में उच्च स्तरीय शिक्षा के घटक केंद्रीय क्षेत्र की योजनाएं हैं।
दिव्यांग विद्यार्थियों के आवेदनों पर लगातार कार्रवाई
दिव्यांग विद्यार्थियों के संबंध में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) केंद्रीय क्षेत्र की ‘दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना’ लागू कर रहा है। सरकार ने बताया कि योजना के तहत प्राप्त आवेदनों पर दिशानिर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाती है। इसके लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना और आवेदन का पूर्ण रूप से प्रस्तुत किया जाना जरूरी है। छात्रवृत्तियों का स्वीकृतीकरण और वितरण शैक्षणिक वर्ष के दौरान निरंतर किया जाता है।
मांग आधारित योजनाओं पर सरकार का जोर
सरकार की प्रतिक्रिया में प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं की मांग-आधारित प्रकृति, छात्रवृत्ति वितरण के लिए डीबीटी आधारित तंत्र और संबंधित योजनाओं के तहत पात्र आवेदनों के निरंतर प्रसंस्करण पर जोर दिया गया है। सरकार के अनुसार, पात्र लाभार्थियों तक छात्रवृत्ति का लाभ पहुंचाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदनों का सत्यापन और भुगतान किया जाता है। (इनपुट: पीआईबी)


