पीएम ई-ड्राइव के तहत देशभर में ईवी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए 2,000 करोड़ रुपए आवंटित

प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत अखिल भारतीय स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन (ईवीपीसीएस) स्थापित करने के लिए 2,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। यह योजना पूरे देश में लागू है और इसके लिए राज्यवार अलग से धनराशि आवंटित नहीं की गई है। 22 जुलाई 2026 तक असम में कुल 42,035 इलेक्ट्रिक वाहन बिके हैं, जिनमें कछार जिले में 8,003 वाहन शामिल हैं। असम में 40,009 इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन राशि दी गई है और निर्माताओं को कुल 99.10 करोड़ रुपए का पुनर्भुगतान किया गया है।

असम ने ईवीपीसीएस के लिए अभी प्रस्ताव नहीं भेजा

असम सहित पूरे भारत में ईवी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए पीएम ई-ड्राइव के तहत 2,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। हालांकि, असम ने अब तक इस योजना के तहत ईवीपीसीएस स्थापित करने के लिए कोई प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया है। कछार जिले के लिए भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) की ओर से इस संबंध में कोई अलग मूल्यांकन भी नहीं किया गया है।

देशभर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दे रहा एमएचआई

भारी उद्योग मंत्रालय देशभर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन तथा वाणिज्यिक वाहनों को अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू कर रहा है। इन योजनाओं में फेम इंडिया योजना चरण-II, पीएलआई-ऑटो, एसीसी बैटरी स्टोरेज के लिए पीएलआई, पीएम ई-ड्राइव और पीएम ई-बस सेवा-पीएसएम योजना शामिल हैं।

फेम इंडिया चरण-II के तहत 16.72 लाख ईवी की बिक्री को बढ़ावा

भारत में हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने और उनके निर्माण को बढ़ावा देने के लिए फेम इंडिया योजना चरण-II को 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2024 तक पांच वर्षों के लिए लागू किया गया था। इसके लिए 11,500 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया गया। योजना के तहत ई-2डब्ल्यू, ई-3डब्ल्यू और ई-4डब्ल्यू वाहनों की मांग को प्रोत्साहित करने के साथ ई-बसों और ईवी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए सहायता दी गई। इसके माध्यम से करीब 16.72 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा मिला। 30 जून 2026 तक योजना के तहत 5,297 ई-बसें तैनात की जा चुकी हैं। देशभर में ईवीपीसीएस स्थापित करने के लिए फेम-II के तहत 912.50 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे।

पीएलआई-ऑटो से इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण को बढ़ावा

ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए पीएलआई-ऑटो योजना 23 सितंबर 2021 को अधिसूचित की गई थी। 25,938 करोड़ रुपए के बजटीय प्रावधान वाली इस योजना का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों समेत उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी (एएटी) उत्पादों के लिए भारत की विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाना है।

एसीसी बैटरी निर्माण के लिए 18,100 करोड़ रुपए की पीएलआई योजना

उन्नत रसायन सेल (एसीसी) बैटरी भंडारण के राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए उत्पादन-संबंधी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना 9 जून 2021 को अधिसूचित की गई थी। इसके लिए 18,100 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया गया है। योजना का उद्देश्य 50 गीगावॉट एसीसी बैटरियों के लिए प्रतिस्पर्धी घरेलू विनिर्माण व्यवस्था स्थापित करना है।

पीएम ई-ड्राइव से करीब 28.30 लाख ईवी को प्रोत्साहन

10,900 करोड़ रुपए के परिव्यय वाली पीएम ई-ड्राइव योजना 1 अप्रैल 2024 से लागू है। इसके तहत ई-2डब्ल्यू, ई-3डब्ल्यू, ई-ट्रक, ई-बस और ई-एम्बुलेंस समेत करीब 28.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने का प्रावधान है। योजना में ईवी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन और परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन के लिए भी अनुदान उपलब्ध है।

14,028 ई-बसों की तैनाती के लिए 4,391 करोड़ रुपए

पीएम ई-ड्राइव के तहत 14,028 ई-बसों की तैनाती के लिए 4,391 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इनमें से 13,800 ई-बसें चार मिलियन से अधिक आबादी वाले सात शहरों—दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, अहमदाबाद, पुणे और सूरत—के लिए आवंटित की गई हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के लिए 200 ई-बसों को मंजूरी दी गई है।

पीएम ई-बस सेवा-पीएसएम योजना से 38,000 से अधिक बसों को सहयोग

28 अक्टूबर 2024 को अधिसूचित प्रधानमंत्री ई-बस सेवा-भुगतान सुरक्षा तंत्र (पीएसएम) योजना का परिव्यय 3,435.33 करोड़ रुपए है। इसका उद्देश्य 38,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती में सहयोग करना है। सार्वजनिक परिवहन प्राधिकरणों की ओर से भुगतान में चूक की स्थिति में ई-बस संचालकों को भुगतान सुरक्षा उपलब्ध कराना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है।

ईवी पर जीएसटी घटाकर 5% किया गया

इलेक्ट्रिक वाहनों और उनके चार्जर तथा चार्जिंग स्टेशनों पर जीएसटी घटाकर 5% किया गया है। सरकार का उद्देश्य कर संबंधी प्रोत्साहनों के जरिए इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की लागत को कम करना और देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति देना है।

बैटरी चालित वाहनों को हरी लाइसेंस प्लेट और परमिट से छूट

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) ने बैटरी से चलने वाले वाहनों के लिए हरी लाइसेंस प्लेट की व्यवस्था की है। ऐसे वाहनों को परमिट की आवश्यकता से भी छूट दी गई है।

राज्यों को रोड टैक्स माफ करने की सलाह

एमओआरटीएच ने राज्यों को इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स माफ करने की सलाह दी है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआती लागत कम करने और उपभोक्ताओं को इन्हें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिल सकती है। (इनपुट: पीआईबी)