देशभर में 100 5G लैब स्थापित, 6G रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा: सरकार

दूरसंचार विभाग (DoT) ने बताया कि देशभर में 100 5G लैब्स की स्थापना की गई है, ताकि उन्नत तकनीकी प्रयोगों, नवाचार और 6G रिसर्च को मजबूत किया जा सके।

DoT के सहयोगी प्लेटफॉर्म ‘भारत 6G एलायंस’ ने वैश्विक 6G संगठनों के साथ 10 अंतरराष्ट्रीय समझौते किए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि भारत साल 2030 तक वैश्विक 6G पेटेंट्स में 10% की हिस्सेदारी हासिल करे।

कार्यक्रम के दौरान दूरसंचार सचिव नीरज मित्तल ने कहा कि डिजिटल कम्युनिकेशन आज सभी आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ है और भारत ने दुनिया में सबसे तेज 5G रोलआउट करने वाले देशों में अपनी जगह बनाई है।

उन्होंने बताया कि ये 100 5G लैब्स भारत को 6G तकनीक में वैश्विक नेतृत्व देने में अहम भूमिका निभाएंगी। सरकार की रणनीति बहुआयामी है — जिसमें रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देना, घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करना और उद्योग, सरकार व शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी बनाना शामिल है।

मित्तल ने कहा कि 6G से जुड़ी 100 से अधिक रिसर्च परियोजनाओं को समर्थन दिया जा रहा है, जिनमें Open RAN, स्वदेशी चिपसेट्स, AI-आधारित स्मार्ट नेटवर्क्स और रेगुलेटरी सैंडबॉक्स जैसी तकनीकों पर काम शामिल है।

कार्यक्रम में प्राइवेट नेटवर्क्स, भारत के दूरसंचार लक्ष्यों और स्वदेशी टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई। एक पैनल चर्चा में 5G इकोसिस्टम को विस्तार देने, NavIC L1 सिग्नल के माध्यम से स्वदेशी PNT टेक्नोलॉजी और D2M से लेकर 6G तक नई तकनीकी स्टैक्स विकसित करने पर विचार किया गया।

‘ESTIC 2025’ कार्यक्रम 3 से 5 नवंबर तक आयोजित हुआ, जिसमें देश-विदेश के 3,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें नोबेल पुरस्कार विजेता, वैज्ञानिक, इनोवेटर्स, उद्योग विशेषज्ञ और नीति-निर्माता शामिल थे।

-(इनपुटःआईएएनएस)