भारत-सिंगापुर एफओसी की 19वीं बैठक, व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली में गुरुवार को भारत-सिंगापुर फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशंस (एफओसी) के 19वें दौर की बैठक हुई। दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा करने के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रोडमैप के तहत सहयोग को आगे बढ़ाने और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर समन्वय मजबूत करने पर चर्चा की।

रुद्रेंद्र टंडन और ल्यूक गोह ने किया नेतृत्व

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया कि भारत-सिंगापुर विदेश कार्यालय परामर्श का 19वां दौर 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने किया, जबकि सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सिंगापुर के विदेश मंत्रालय के स्थायी सचिव (नीति) ल्यूक गोह ने किया।

आठ प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा

दोनों पक्षों ने भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रोडमैप में निर्धारित आठ प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन क्षेत्रों में आगे का काम भारत-सिंगापुर मंत्रीस्तरीय गोलमेज बैठक (आईएसएमआर) के तहत किया जाएगा।

आसियान सहित बहुपक्षीय मंचों पर समन्वय पर जोर

बैठक में दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचार साझा किए। दोनों पक्षों ने साझा चुनौतियों से निपटने के लिए आसियान सहित अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मंचों पर करीबी समन्वय बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

2024 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचे संबंध

सितंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिंगापुर यात्रा के दौरान भारत और सिंगापुर के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया था। इसके बाद दोनों देशों ने इस साझेदारी को ठोस सहयोग में बदलने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में प्रयास तेज किए हैं।

2025 में शुरू हुआ साझेदारी का रोडमैप

सितंबर 2025 में सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की भारत यात्रा के दौरान व्यापक रणनीतिक साझेदारी का रोडमैप शुरू किया गया था। इसमें आर्थिक सहयोग, कौशल विकास, डिजिटलीकरण, स्थिरता, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

ल्यूक गोह ने जयशंकर समेत वरिष्ठ अधिकारियों से की मुलाकात

भारत यात्रा के दौरान स्थायी सचिव ल्यूक गोह ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। उन्होंने विदेश सचिव विक्रम मिस्री और कानून एवं न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग के सचिव राजीव मणि के साथ भी बैठक की।

व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर मंथन

विदेश सचिव विक्रम मिस्री और ल्यूक गोह ने भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। दोनों अधिकारियों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

मार्च 2025 में सिंगापुर में हुई थी पिछली बैठक

भारत-सिंगापुर विदेश कार्यालय परामर्श का पिछला दौर मार्च 2025 में सिंगापुर में आयोजित हुआ था। उस बैठक में दोनों देशों ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग के प्रमुख पहलुओं की समीक्षा की थी तथा आपसी हित से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा किए थे।

डिजिटलीकरण से लेकर संपर्क व्यवस्था तक सहयोग

मार्च 2025 की बैठक में चर्चा मुख्य रूप से छह प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित रही थी। इनमें डिजिटलीकरण, कौशल विकास, सतत विकास, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, उन्नत विनिर्माण और संपर्क व्यवस्था शामिल थे। इन क्षेत्रों की पहचान भारत-सिंगापुर मंत्रीस्तरीय गोलमेज बैठक के दो दौरों के दौरान द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के लिए की गई थी। (इनपुट: आईएएनएस)