रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री जाफरी शमसुद्दीन ने आज गुरुवार को नई दिल्ली में तीसरी भारत-इंडोनेशिया रक्षा मंत्रियों की वार्ता की संयुक्त अध्यक्षता की। इस बैठक में दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को दोहराते हुए रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। दोनों मंत्रियों ने 2025 के गणतंत्र दिवस समारोह को भी याद किया, जिसमें राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो मुख्य अतिथि थे और इंडोनेशियाई सशस्त्र बलों के 352 जवानों ने भाग लिया था।
बैठक में दोनों देशों ने पुनः इस बात पर जोर दिया कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को मुक्त, खुला, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध बनाए रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय कानून और हर देश की संप्रभुता के सम्मान पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने ASEAN Outlook on Indo Pacific और India’s Indo Pacific Oceans Initiative के समान सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए बहुपक्षीय मंचों जैसे Indian Ocean Rim Association में अधिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही, दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर मजबूती और संयुक्त ऑपरेशनल तैयारी को बढ़ाने की दिशा में भी सहयोग मजबूत करने का निर्णय लिया।
रक्षा उद्योग सहयोग पर चर्चा के दौरान दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग सहमति (Defence Cooperation Agreement) और संयुक्त रक्षा सहयोग समिति (Joint Defence Cooperation Committee) के कार्यों की सराहना की। इंडोनेशिया ने भारत के प्रस्ताव का स्वागत किया, जिसमें Joint Defence Industry Cooperation Committee का गठन शामिल है। इसका उद्देश्य तकनीक हस्तांतरण, संयुक्त अनुसंधान और विकास, प्रमाणन प्रणाली में सामंजस्य और सप्लाई चेन सहयोग को आगे बढ़ाना है। इसी दौरान सैन्य अभ्यासों की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जिनमें सुपर गरुणा सील्ड (Super Garuda Shield), गरुण शक्ति (Garuda Shakti), समुद्र शक्ति (Samudra Shakti), मिलान (MILAN) और आगामी एयर मैनूवर अभ्यास शामिल हैं। दोनों देशों ने अधिकारियों के आदान-प्रदान, संयुक्त प्रशिक्षण और रक्षा शिक्षा संस्थानों की यात्राओं को जारी रखने पर भी सहमति जताई।
बैठक में समुद्री सुरक्षा पर भी विस्तृत विमर्श हुआ, जिसमें हिंद महासागर क्षेत्र में बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इंडोनेशिया ने ADMM Plus जैसे ASEAN नेतृत्व वाले मंचों में भारत की पहलों का स्वागत किया। रक्षा तकनीक और पनडुब्बी क्षमता के क्षेत्र में भारत के अनुभव, विशेष रूप से स्काॅर्पियन क्लास सबमरीन (Scorpene class submarine) कार्यक्रम, को इंडोनेशिया के लिए उपयोगी बताया गया। दोनों देशों ने रक्षा चिकित्सा और फार्मास्यूटिकल्स में संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी हस्तांतरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम बढ़ाने पर भी चर्चा की।
वहीं अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों पर बात करते हुए दोनों देशों ने फिलिस्तीन में न्यायसंगत और स्थायी शांति का समर्थन दोहराया। उन्होंने मानवीय सहायता, युद्धोत्तर पुनर्निर्माण और बहुपक्षीय शांति मिशनों में सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत की। इंडोनेशिया ने संयुक्त राष्ट्र के अधीन गाजा में शांति सैनिक भेजने की अपनी तत्परता व्यक्त की। इस दौरान भारत ने यह घोषणा भी की कि वह अपनी सेना की रिमाउंट वेटेरिनरी कार्प्स (Remount Veterinary Corps) के माध्यम से इंडोनेशिया को घोड़े और एक सेरेमोनियल कैरिज भेंट करेगा। बैठक के अंत में दोनों मंत्रियों ने उम्मीद जताई कि उच्च स्तरीय संपर्क, व्यावहारिक सहयोग और समन्वित प्रबंधन जारी रहेगा, जिससे पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को और मजबूती मिलेगी।-(PIB)


