प्रतिक्रिया | Wednesday, April 24, 2024

07/01/24 | 10:25 am

40 साल बाद असम के लाओखोवा और बुराचापोरी वन्यजीव अभयारण्यों में प्रतिष्ठित गैंडे की पुन: वापसी

एक महत्वपूर्ण वन्यजीव संरक्षण अभियान में असम को असम को एक बड़ी कामयाबी हासिल की जिसमें नागांव और सोनितपुर जिलों में लाओखोवा और बुराचापोरी वन्यजीव अभ्यारण्यों में गैंडों की फिर से वापसी सुनिश्चित हो सकी है। बड़े पैमाने पर अवैध शिकार के कारण यह प्रतिष्ठित प्रजाति इस क्षेत्र से लगभग गायब हो गई थी। जो 40 साल बाद फिर से इन क्षेत्रों में गैंडों की वापसी के साथ अभ्यारणों में रौनक लौट आयी है।असम के मुख्यमंत्री हेमंत सरमा बिस्वा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए और सफलता का श्रेय राज्य सरकार के मजबूत अतिक्रमण विरोधी अभियान को दिया। उन्होंने लिखा, “यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि 40 वर्षों के बाद हमारे प्रतिष्ठित गैंडे लाओखोवा और बुराचापोरी में लौट आए हैं। वे क्षेत्र में हमारे सफल अतिक्रमण विरोधी अभियान के एक साल के भीतर वापस आ गए हैं। नागांव जिले में स्थित लाओखोवा-बुराचापोरी जंगल में 1983 तक 45 से 50 गैंडों की समृद्ध आबादी थी। हालांकि, इस प्रजाति को अवैध शिकार से गंभीर खतरे का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप वे इस क्षेत्र से गायब हो गए।

सफल अतिक्रमण विरोधी अभियान से संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा मिला

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) की निदेशक सोनाली घोष ने सकारात्मक विकास की पुष्टि करते हुए कहा कि लाओखोवा और बुराचापोरी वन्यजीव अभयारण्यों में दो गैंडों को देखा गया जो 'ग्रेटर काजीरंगा' संरक्षण क्षेत्र का एक हिस्सा है। घोष ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इन गैंडों की वापसी वन्यजीव संरक्षण प्रयासों में मील का पत्थर साबित होगा। 

51.7 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र की पुनः प्राप्ति 

मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने यह भी बताया कि राज्य सरकार की अतिक्रमण विरोधी पहल के परिणामस्वरूप 2023 में 51.7 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र की पुनः प्राप्ति हुई है। इससे पहले पिछले कुछ वर्षों में इन संरक्षित क्षेत्रों में मनुष्यों द्वारा अतिक्रमण देखा गया था, पिछले साल अधिकारियों के ठोस प्रयासों से इस चुनौती पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पा लिया गया है। वन्य संरक्षण के व्यापक रणनीति का उद्देश्य वन्यजीवों और स्थानीय समुदायों के बीच स्थायी सह-अस्तित्व सुनिश्चित करते हुए जैव विविधता और प्राकृतिक आवासों की रक्षा करना है। लाओखोवा और बुराचापोरी में गैंडों की वापसी समर्पित संरक्षण पहल के सकारात्मक प्रभाव का एक प्रमाण है और क्षेत्र में लुप्तप्राय प्रजातियों के भविष्य के लिए एक आशावादी संदेश भेजती है।

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आखरी अपडेट: 24th Apr 2024