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ई-श्रम के 5 साल: 31.89 करोड़ कामगारों को मिला डिजिटल सामाजिक सुरक्षा प्लेटफॉर्म

देश के असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने वाला ई-श्रम पोर्टल 26 अगस्त 2026 को पांच साल पूरे कर रहा है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने इसे 26 अगस्त 2021 को शुरू किया था। अब तक पोर्टल पर 31.89 करोड़ से अधिक कामगारों का पंजीकरण हो चुका है।

ई-श्रम पोर्टल के जरिए असंगठित कामगारों का देश का पहला आधार-प्रमाणित राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया गया। पंजीकृत प्रत्येक कामगार को 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) दिया जाता है। इसका उद्देश्य कामगारों को सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराना है।

एक ही प्लेटफॉर्म पर कई सरकारी सेवाएं

21 अक्टूबर 2024 को शुरू किए गए ई-श्रम वन-स्टॉप सॉल्यूशन के बाद यह पोर्टल केवल कामगारों के पंजीकरण तक सीमित नहीं रहा। अब यहां सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, कौशल विकास और पेंशन से जुड़ी सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध हैं।

पोर्टल पर 15 सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को जोड़ा गया है। इनमें प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, वन नेशन वन राशन कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण जैसी योजनाएं शामिल हैं।

ई-श्रम के जरिए पात्र कामगार प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में भी नामांकन कर सकते हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता पर 2 लाख रुपये और आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है। वहीं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर मिलता है।

पोर्टल कामगारों को रोजगार के अवसरों के लिए नेशनल करियर सर्विस (NCS) और कौशल विकास एवं अप्रेंटिसशिप के लिए स्किल इंडिया डिजिटल हब से भी जोड़ता है। इसके अलावा, कामगार myScheme के जरिए अपने लिए उपयुक्त सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

60 साल की उम्र के बाद 3,000 रुपये तक पेंशन

पात्र कामगार ई-श्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना (PM-SYM) में भी शामिल हो सकते हैं। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद हर महीने न्यूनतम 3,000 रुपये की सुनिश्चित पेंशन मिलती है।

2025 में भाषिणी (Bhashini) प्लेटफॉर्म की मदद से ई-श्रम में 22 भाषाओं में बहुभाषी सुविधा भी शुरू की गई।

प्रवासी और गिग वर्कर्स को भी जोड़ा गया

ई-श्रम पोर्टल पर प्रवासी कामगारों के परिवार की जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी है। निर्माण कामगारों का डेटा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा किया जा सकता है, जिससे उन्हें संबंधित BOCW बोर्ड में पंजीकरण कराने में मदद मिलती है।

पोर्टल पर गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है। अब तक करीब 11.5 लाख प्लेटफॉर्म वर्कर्स ई-श्रम पर पंजीकरण करा चुके हैं। इससे इन कामगारों के लिए भविष्य में सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाएं तैयार करने में मदद मिल सकती है।

कौन करा सकता है ई-श्रम पर पंजीकरण?

16 वर्ष या उससे अधिक उम्र का कोई भी असंगठित क्षेत्र का कामगार ई-श्रम पर पंजीकरण करा सकता है। हालांकि, आयकरदाता तथा EPFO या ESIC के सदस्य इसके लिए पात्र नहीं हैं।

पंजीकरण पूरी तरह मुफ्त है। कामगार ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से खुद पंजीकरण कर सकते हैं या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और राज्य सेवा केंद्र की मदद ले सकते हैं। पंजीकरण के लिए आधार नंबर और मोबाइल नंबर की जरूरत होती है।

31.89 करोड़ से ज्यादा पंजीकरण

18 अगस्त 2026 तक ई-श्रम पोर्टल पर 31.89 करोड़ पंजीकरण दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें महिलाओं की हिस्सेदारी 54.28 प्रतिशत, जबकि पुरुषों की हिस्सेदारी 45.72 प्रतिशत है।

पंजीकृत कामगारों में 55.21 प्रतिशत की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच है। सबसे ज्यादा पंजीकरण कृषि, घरेलू एवं घरेलू कामगार, निर्माण और परिधान क्षेत्र से जुड़े लोगों के हुए हैं।

राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। ज्यादातर पंजीकरण कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से हुए हैं, जबकि इसके बाद सेल्फ-रजिस्ट्रेशन का स्थान है।

ई-श्रम पोर्टल ने असंगठित कामगारों के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल पहचान और डेटाबेस तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके जरिए सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा का लाभ अधिक लक्षित और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने में मदद मिल रही है।

-(इनपुटः PIB)