अटल इनोवेशन मिशन ने नीति आयोग के तहत जम्मू-कश्मीर में 500 नई अटल टिंकरिंग लैब (ATL) स्थापित करने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल के लिए जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा विभाग और कश्मीर विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी की गई है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर
इस पहल का उद्देश्य सीमावर्ती और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है। सरकारी बयान के अनुसार, ये 500 नए ATL “फ्रंटियर रीजन प्रोग्राम” का हिस्सा हैं, जिसका लक्ष्य स्थानीय जरूरतों के अनुरूप समावेशी नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है।
युवाओं में विकसित होंगे नवाचार और समस्या समाधान कौशल
इस कार्यक्रम के जरिए जम्मू-कश्मीर के युवाओं में नवाचार, डिजाइन थिंकिंग और समस्या समाधान कौशल को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही स्कूलों, विश्वविद्यालयों, उद्योगों और नवाचार संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों के छात्रों को भी समान अवसर मिल सकें।
आवेदन प्रक्रिया में विशेष लचीलापन
आवेदन प्रक्रिया को जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक और संस्थागत परिस्थितियों के अनुरूप विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसके तहत सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों के अलावा केंद्रीय विद्यालय, आर्मी गुडविल स्कूल और जवाहर नवोदय विद्यालयों को भी शामिल किया गया है। दूरस्थ, पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों के स्कूलों को विशेष छूट दी गई है। स्कूल परिसर और छात्र संख्या से जुड़े कुछ मानकों में भी लचीलापन रखा गया है।
सीमावर्ती छात्रों को बड़े सपने देखने के लिए मिलेगा मंच
दीपक बागला ने कहा कि ये लैब जम्मू-कश्मीर के हर क्षेत्र, विशेषकर सीमावर्ती इलाकों के छात्रों को बड़े सपने देखने, प्रयोग करने और वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करेंगी। उन्होंने स्कूलों से इस पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील की ताकि वे जम्मू-कश्मीर के नवाचार केंद्र बन सकें।
जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा
अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, स्कूल प्रमुखों और शिक्षकों के लिए ओरिएंटेशन सत्र तथा विभागीय माध्यमों से प्रचार अभियान भी चलाया जाएगा। (इनपुट: एजेंसी)


