MSP पर कपास खरीद के लिए देशभर में 550 केंद्र स्थापित, गिरिराज सिंह ने की समीक्षा बैठक

कपास की एमएसपी को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दिल्ली में वस्त्र विभाग के अधिकारियों के साथ बड़ी बैठक की है। बैठक का उद्देश्य 1 अक्टूबर 2025 से शुरू होने वाले आगामी खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के दौरान कपास के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य के कार्यान्वयन की तैयारियों का आकलन करना था।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आश्वासन दिया

कपास किसानों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आश्वासन दिया कि एमएसपी दिशानिर्देशों के तहत कपास की सभी खरीद बिना किसी व्यवधान के की जाएगी, जिसमें समय पर, पारदर्शी और किसान-केंद्रित सेवा वितरण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने कपास किसानों के हितों की रक्षा करने और डिजिटल रूप से सशक्त इकोसिस्टम की दिशा में परिवर्तन को गति देने के सरकार के दृष्टिकोण की पुष्टि की।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार के डिजिटल इंडिया विजन के अनुरूप सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से फेसलेस और पेपरलेस हैं, जिससे किसानों और अन्य हितधारकों का एमएसपी संचालन में विश्वास और भरोसा मजबूत हो रहा है।

खरीद केंद्र स्थापित करने के लिए एक समान मानदंड तय

पहली बार, खरीद केंद्र स्थापित करने के लिए एक समान मानदंड तय किए गए हैं, जिसमें कपास क्षेत्र का आकार, कार्यशील एपीएमसी यार्ड्स की उपलब्धता और कम से कम एक स्टॉक प्रोसेसिंग फैक्ट्री की उपस्थिति को शामिल किया गया है। इसके चलते देशभर में 550 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।

‘कपास-किसान’ मोबाइल ऐप

एमएसपी के तहत कपास की खरीद उत्तरी राज्यों में 1 अक्टूबर, मध्य राज्यों में 15 अक्टूबर और दक्षिणी राज्यों में 21 अक्टूबर, 2025 से शुरू होगी। इस सीजन से देशभर में कपास किसानों के लिए आधार आधारित सेल्फ-रजिस्ट्रेशन और 7 दिन की रोलिंग स्लॉट बुकिंग की सुविधा ‘कपास-किसान’ मोबाइल ऐप के माध्यम से दी जाएगी। यह ऐप पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप से नियंत्रित करेगा।

एसएमएस-आधारित भुगतान सूचना सेवा भी रहेगी जारी

वस्त्र मंत्रालय के अनुसार, पिछले साल शुरू की गई एसएमएस-आधारित भुगतान सूचना सेवा भी जारी रहेगी। हर एपीएमसी मंडी में राज्यों की ओर से स्थानीय निगरानी समितियां (एलएमसी) स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा, पूरी खरीद अवधि के दौरान राज्य-स्तरीय हेल्पलाइन और केंद्रीय सीसीआई हेल्पलाइन काम करेंगी। (इनपुट-आईएएनएस)