जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक शुरू, फैसलों का ऐलान 4 सितंबर को

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में बुधवार को नई दिल्ली में जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक चल रही है। इस बार की जीएसटी परिषद की बैठक पर सभी की नजरें हैं। 

जीएसटी में हो सकते हैं बड़े बदलाव 

दो दिन तक चलने वाली इस बैठक में जीएसटी काउंसिल केंद्र के अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। बैठक में रोजमर्रा की चीजों पर टैक्स कम करने के लिए जीएसटी में बड़े बदलाव हो सकते हैं। इसके फैसलों का ऐलान 4 सितंबर को हो सकता है।

छोटे व्यवसायों की बढ़ोतरी में मिलेगा मदद

ज्ञात हो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक से पहले कल कहा था कि आगामी अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार कर प्रक्रियाओं को और सरल बनाएंगे और विशेष रूप से छोटे व्यवसायों के अनुपालन बोझ को कम करेंगे। इससे छोटे व्यवसायों की बढ़ोतरी में मदद मिलेगा।

इससे पहले केंद्र सरकार ने प्रारंभिक समीक्षा के लिए विभिन्न राज्यों के मंत्रियों के एक समूह के साथ प्रस्तावित सुधार का एक खाका साझा किया था। जीओएम ने कर दरों को कम करने के केंद्र के प्रस्ताव पर सहमति जताई। अब काउंसिल इन सिफारिशों पर विचार करेगी। 

प्रस्तावित सुधारों में मौजूदा 12 फीसदी और 28 फीसदी के कर स्लैब को हटाकर केवल 5 फीसदी तथा 18 फीसदी की दो कर दरें रखना प्रमुख है। इसके अलावा कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर 40 फीसदी की विशेषदर से कर लिया जाएगा। 

ये कर सुधार दिवाली से पहले अक्टूबर में लागू होने की संभावना

कर स्लैब में कटौती और इसके चलते कीमतों में होने वाली कमी से उपभोक्ताओं को राहत की उम्मीद है। ये कर सुधार दिवाली से पहले अक्टूबर में लागू होने की संभावना है। 

केंद्र सरकार ने जीएसटी दरों में अबतक की सबसे बड़ी कटौती का रखा प्रस्ताव

गौरतलब हो, केंद्र सरकार ने जीएसटी की दरों में अबतक की सबसे बड़ी कटौती का प्रस्ताव रखा है। केंद्र सरकार मौजूदा जीएसटी टैक्स के स्ट्रक्चर को सरल करने के लिए दो स्लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी लागू करने का प्रस्ताव ला रही है। फिलहाल जीएसटी के चार स्लैब 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी, और 28 फीसदी हैं। 

बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, मेघालय और ओडिशा के मुख्यमंत्री, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के उप-मुख्यमंत्री, मणिपुर के राज्यपाल, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री, राजस्व विभाग के सचिव, सीबीआईसी के के अध्यक्ष और सदस्य और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। (इनपुट-एजेंसी)

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