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दूरदर्शन के 67 वर्ष: परंपरा, तकनीक और बदलाव के साथ आगे बढ़ता सफर

भारत के प्रमुख सार्वजनिक प्रसारक दूरदर्शन ने आज अपनी स्थापना के 67 वर्ष पूरे कर लिए। 15 सितंबर 1959 को एक प्रायोगिक टेलीविजन सेवा के रूप में शुरू हुआ दूरदर्शन आज सूचना, शिक्षा, मनोरंजन, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।

1959 से शुरू हुआ सफर

दूरदर्शन का पहला प्रसारण 15 सितंबर 1959 को तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने शुरू किया था। शुरुआत में यह ऑल इंडिया रेडियो के तहत एक प्रयोग के रूप में संचालित हुआ। वर्ष 1965 में दूरदर्शन ने नियमित सेवा शुरू की और नई दिल्ली तथा आसपास के क्षेत्रों के घरों तक प्रसारण पहुंचाया। 1972 तक इसकी सेवाएं मुंबई और अमृतसर तक विस्तारित हो गईं, जबकि 1975 तक सात अन्य शहर भी नेटवर्क से जुड़ गए।

1 अप्रैल 1976 को दूरदर्शन ऑल इंडिया रेडियो से अलग होकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन एक स्वतंत्र विभाग बना। बाद में यह प्रसार भारती का हिस्सा बना। दूरदर्शन की पहचान को मजबूत करने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन ने इसका नया सिग्नेचर इमेज तैयार किया, जबकि पंडित रवि शंकर ने इसका सिग्नेचर ट्यून तैयार किया।

रंगीन प्रसारण से नई पहचान

15 अगस्त 1982 को राष्ट्रीय कार्यक्रम के साथ दूरदर्शन ने पहली बार रंगीन प्रसारण शुरू किया। यह भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा और इससे दूरदर्शन की पहुंच तथा दर्शक संख्या को नई दिशा मिली।

35 सैटेलाइट चैनलों का नेटवर्क

वर्तमान में दूरदर्शन का नेटवर्क 35 सैटेलाइट चैनलों के साथ संचालित होता है। इनमें 6 अखिल भारतीय चैनल, 22 क्षेत्रीय 24×7 चैनल, 6 क्षेत्रीय गैर-24×7 चैनल और 1 अंतरराष्ट्रीय चैनल शामिल हैं। इसके अलावा दूरदर्शन के कुल 59 ट्रांसमीटर हैं।

दूरदर्शन दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित अर्थ स्टेशन से अपनी DTH सेवा DD Free Dish का संचालन भी करता है, जिसने देशभर में फ्री-टू-एयर टेलीविजन की पहुंच को मजबूत किया है।

DD News के जरिए समाचार प्रसारण

दूरदर्शन का समाचार चैनल DD News 3 नवंबर 2003 को 24 घंटे के समाचार चैनल के रूप में शुरू हुआ। चैनल प्रतिदिन 17 घंटे से अधिक लाइव प्रोग्रामिंग करता है और 30 से अधिक समाचार बुलेटिन प्रसारित करता है। इसके साथ क्षेत्रीय समाचार इकाइयों के माध्यम से 26 भाषाओं और बोलियों में सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।

डिजिटल दौर में DD News सोशल मीडिया और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए भी दर्शकों तक रियल-टाइम समाचार और जनहित से जुड़ी जानकारी पहुंचा रहा है।

67 वर्षों की इस यात्रा में दूरदर्शन ने एक छोटे प्रायोगिक प्रसारण से देशव्यापी सार्वजनिक प्रसारण नेटवर्क तक का सफर तय किया है। बदलती तकनीक और दर्शकों की जरूरतों के साथ आगे बढ़ते हुए दूरदर्शन आज भी भारत की सार्वजनिक प्रसारण व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है।