ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-IV के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के बैच-I में त्रिपुरा के लिए 163.872 किलोमीटर लंबाई की 96 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत 211.71 करोड़ रुपए है। इस स्वीकृति के साथ राज्य की 96 बसावटों को पहली बार बारहमासी सड़क संपर्क उपलब्ध कराया जाएगा।
96 बसावटों को मिलेगा पहली बार सड़क संपर्क
मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं का उद्देश्य उन ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क नेटवर्क से जोड़ना है, जहां अब तक बारहमासी सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं थी। सड़क संपर्क मिलने से स्थानीय लोगों की स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण बाजारों तक पहुंच आसान होगी, जिससे सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
ग्रामीण जीवन स्तर में होगा सुधार
बारहमासी सड़क संपर्क उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है। बेहतर परिवहन सुविधाओं से रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ेगी। साथ ही, राज्य के ग्रामीण बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।
विकसित भारत के लक्ष्य को मिलेगा बल
सरकार का मानना है कि ये परियोजनाएं विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़कर समावेशी विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकेगा।
त्रिपुरा में अब तक 6,284 किलोमीटर सड़कों को मंजूरी
पीएमजीएसवाई के तहत अब तक त्रिपुरा में 6,284 किलोमीटर लंबाई वाली 1,594 सड़क परियोजनाओं और 66 पुलों को मंजूरी दी जा चुकी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 4,479 करोड़ रुपए है। इससे राज्य के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिली है।
ग्रामीण संपर्क को मजबूत कर रही है पीएमजीएसवाई
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना देश के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की प्रमुख योजना है। यह योजना गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के साथ-साथ समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। (इनपुट: पीआईबी)


