केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी 23 मई को गोवा में न्यू जुआरी ब्रिज पर बनने वाले ऑब्जर्वेटरी टावर्स का शिलान्यास करेंगे। यह परियोजना गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के सहयोग और केंद्रीय मंत्री गडकरी के प्रयासों से संभव हो पाई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 270.07 करोड़ रुपये है और इसे पांच वर्षों में पूरा किया जाएगा। टावरों की डिजाइन पेरिस के प्रसिद्ध एफिल टॉवर से प्रेरित होगी। इसमें एक घूमता हुआ रेस्टोरेंट, एक आर्ट गैलरी और अत्याधुनिक पर्यटन सुविधाएं होंगी, जो इसे विश्वस्तरीय आकर्षण का केंद्र बनाएंगी और गोवा के पर्यटन परिदृश्य को एक नई पहचान देंगी।
यह प्रोजेक्ट DBFOT मॉडल (Design, Build, Finance, Operate and Transfer) के तहत बनाया जाएगा, जिसमें सरकार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं आएगा। निर्माण और संचालन की पूरी जिम्मेदारी निजी कंसेशनर की होगी, जो 50 वर्षों तक इसका संचालन करेगा। ऑब्जर्वेटरी टावर न्यू जुआरी ब्रिज के पायलों के बीच दो पाइल कैप फाउंडेशनों पर बनाए जाएंगे। प्रत्येक टावर की ऊंचाई 125 मीटर होगी और उसका शाफ्ट आकार 8.50 मीटर x 5.50 मीटर होगा। ऊपरी हिस्से में दो विशाल फ्लोर बनाए जाएंगे जिनका न्यूनतम माप 22.50 मीटर x 17.80 मीटर होगा। टावर में कैप्सूल लिफ्ट्स लगाए जाएंगे जो पर्यटकों को ऊंचाई तक ले जाएगी, जहां से वे 360 डिग्री का नजारा देख सकेंगे।
टावर के साथ दर्शक दीर्घाएं, कैफेटेरिया और पर्यटन से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी होंगी, जिससे पर्यटकों को एक संपूर्ण अनुभव मिलेगा। समुद्री हिस्से में दोनों ओर 7.50 मीटर चौड़ा वॉकवे ब्रिज भी बनाया जाएगा जिससे टावर तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। ब्रिज के दोनों किनारों पर पार्किंग की सुविधा भी होगी ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस परियोजना से गोवा में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा करेगा और भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित वैश्विक छवि को मजबूत करेगा। -(ANI)


