पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बावजूद कश्मीर में पर्यटकों के आगमन में एक बार फिर जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पर्यटक घाटी के सुहावने मौसम, मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता और यहां की मशहूर मेहमाननवाजी का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। अनंतनाग के हरे-भरे सेब के बागों में घूमते हुए और इस क्षेत्र के खूबसूरत नजारों का दीदार करते हुए पर्यटक ताजे सेब के जूस का आनंद लेते नजर आए।
ज्ञात हो, पिछले साल हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों ने 26 लोगों की जान ले ली थी, जिसके बाद कुछ समय के लिए पर्यटकों की आमद में कमी आई थी। लेकिन अब भारत के अलग-अलग राज्यों से पर्यटक बड़ी संख्या में कश्मीर लौटने लगे हैं। पर्यटकों की इस नई हलचल ने घाटी में फिर से रौनक लौटा दी है। पर्यटक लोकप्रिय स्थलों पर उमड़ रहे हैं और कश्मीर के प्राकृतिक आकर्षण तथा शांत माहौल का आनंद ले रहे हैं।
न्यूज़ एजेंसी ने इस क्षेत्र में घूमने आए कई पर्यटकों से बात की, जिनमें से कई लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय लोगों की मेहमाननवाजी पर संतोष जताया।
महाराष्ट्र के पुणे से आए एक पर्यटक ने कहा, “मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। महाराष्ट्र में तापमान करीब 40 डिग्री है, जबकि यहां यह 8 से 10 डिग्री के आसपास है। कश्मीर सचमुच जन्नत जैसा लगता है। लोगों को अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार यहां जरूर आना चाहिए।”
पर्यटक ने कहा, “ हम दो दिनों से यहां हैं और हमें यहां के लोगों का स्वभाव बहुत पसंद आया। वे बहुत मददगार हैं। सुरक्षाकर्मी हर जगह मौजूद हैं और अब तक हमें किसी भी तरह का कोई खतरा महसूस नहीं हुआ है। मैं निश्चित रूप से कहूंगा कि लोगों को यहां जरूर आना चाहिए।”
एक अन्य पर्यटक ऋचा ने कहा, “कश्मीर एक ऐसी जगह है, जहां जाने का सपना लोग अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार जरूर देखते हैं। यहां सब कुछ बहुत बढ़िया है।” वहीं, 10 लोगों के एक समूह के साथ घूमने आए एक पर्यटक ने कहा, “यहां सब कुछ बहुत अच्छा है। सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी है और हम बहुत खुश हैं। अनंतनाग के बाद हम पहलगाम भी जाएंगे।”
जम्मू-कश्मीर में 2019 के बाद पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। 2016-18 के दौरान जहां 4.76 करोड़ पर्यटक आए थे, वहीं 2023 से 2025 के बीच इस केंद्र शासित प्रदेश में 7.85 करोड़ से ज्यादा पर्यटक पहुंचे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जो पर्यटन विभाग का प्रभार भी संभाल रहे हैं, ने इस साल की शुरुआत में विधानसभा में पर्यटकों की संख्या के विस्तृत आंकड़े साझा किए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कश्मीर संभाग में 2016-18 के दौरान 59 लाख से ज्यादा पर्यटक आए थे। यह संख्या 2023 से 2025 के बीच बढ़कर 2.42 करोड़ हो गई, जो 2019 के बाद पर्यटन में आई बड़ी तेजी को दिखाता है।
हालांकि, सरकार ने 2025 में कश्मीर में पर्यटकों की आमद में गिरावट दर्ज की। पहलगाम आतंकी हमले के बाद, पर्यटकों की संख्या 2024 के 98 लाख से ज्यादा के आंकड़े से गिरकर 2025 में 47 लाख से ज्यादा रह गई।
जम्मू क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या 2016-18 के दौरान 4.16 करोड़ से बढ़कर 2023 से 2025 के बीच 5.43 करोड़ हो गई। इसकी मुख्य वजह तीर्थयात्रा और धार्मिक पर्यटन रहा।
प्रमुख धार्मिक स्थलों में कटरा स्थित वैष्णो देवी मंदिर पर्यटकों की आमद के मामले में सबसे आगे रहा। 2023 में जहां 90 लाख तीर्थयात्री आए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 95 लाख से ज्यादा हो गई। इस साल अब तक 69 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री इस मंदिर के दर्शन कर चुके हैं। (इनपुट-आईएएनएस)


