बस्तर में सुरक्षा से समृद्धि तक का नया दौर शुरू, 5 साल में आय 6 गुना बढ़ाने का लक्ष्य : अमित शाह

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर नक्सलमुक्त हुआ है और अब अगले पांच वर्षों में सुरक्षा से विश्वास, विश्वास से विकास, विकास से समृद्धि और समृद्धि से संतृप्ति तक की यात्रा पूरी करनी है। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में बस्तर की आय छह गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

नक्सलमुक्त भारत का श्रेय सुरक्षाबलों को

अमित शाह ने कहा कि नक्सलमुक्त भारत का पूरा श्रेय उन सुरक्षाबलों के जवानों और उनके परिवारों को जाता है, जिन्होंने इस लड़ाई में सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने सभी शहीद जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि केवल नक्सलमुक्त होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वर्ष 2031 तक बस्तर को पूरी तरह विकसित क्षेत्र बनाना लक्ष्य है।

‘सेवा डेरा’ मॉडल से गांव-गांव पहुंचेगी सरकार

केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि बस्तर में नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए 200 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए थे। इनमें से एक-तिहाई कैंपों को वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा में बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि “सेवा डेरा” मॉडल के जरिए सरकार गांवों के दरवाजे तक पहुंचेगी और हर सरकारी योजना का 100 प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित किया जाएगा।

आदिवासी महिलाओं को गाय और भैंस देने की योजना

अमित शाह ने कहा कि आने वाले छह महीनों में बस्तर सहकारी डेयरी नेटवर्क के बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक आदिवासी महिला को एक गाय और एक भैंस उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। साथ ही वन उपज और कृषि से होने वाले मुनाफे का पूरा लाभ सीधे आदिवासियों तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।

सरेंडर नक्सलियों की स्किलिंग और पुनर्वास पर फोकस

केंद्रीय गृह मंत्री ने आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों की साइकोलॉजिकल मैपिंग, स्किलिंग और शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग हिंसा के शिकार रहे हैं, उन्हें सम्मान के साथ मुख्यधारा में जीने का पूरा अधिकार है।

बस्तर ओलंपिक्स और पंडुम बने नए मॉडल

अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक्स और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन आदिवासी युवाओं को जोड़ने और आदिवासी संस्कृति के पुनर्जीवन के प्रभावी मॉडल बनकर उभरे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने विकास को रोका था और जब 2031 तक बस्तर पूरी तरह विकसित होगा, तब पूरी दुनिया इसे देखेगी।

माओवादी भेष बदलकर लौट सकते हैं : अमित शाह

गृह मंत्री ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद माओवादी भेष और नाम बदलकर फिर सामने आ सकते हैं। उन्होंने लोगों से किसी के बहकावे में न आने की अपील की और कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा विकास ही किसी क्षेत्र और व्यक्ति के उत्थान का वास्तविक रास्ता है।

विकास के लोकतांत्रिक मॉडल के रूप में उभरेगा बस्तर

अमित शाह ने कहा कि विकसित बस्तर पूरी दुनिया के सामने यह उदाहरण पेश करेगा कि नक्सलवाद ने स्कूल, सड़क, अस्पताल और बैंकिंग व्यवस्था के विकास को कैसे बाधित किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार मिलकर बस्तर को देश के सबसे विकसित आदिवासी संभागों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। (इनपुट: पीआईबी)