तिब्बती संगठन ने राष्ट्रपति ट्रंप से शी के साथ बातचीत में पंचेन लामा की रिहाई का मुद्दा उठाने का आग्रह किया

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा से पहले, तिब्बत समर्थक एक संगठन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पंचेन लामा की रिहाई का मुद्दा उठाने और दलाई लामा के साथ सार्थक बातचीत फिर शुरू करने के लिए चीन पर दबाव बनाने का आग्रह किया है। ‘इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत’ (आईसीटी) ने यहां एक बयान में कहा कि तिब्बत को लेकर अमेरिका की नीति ‘तिब्बतन पॉलिसी एक्ट, 2002’ और ‘रिजॉल्व तिब्बत एक्ट, 2024’ से निर्देशित होती है।

आईसीटी की अध्यक्ष तेनचो ग्यात्सो ने कहा कि इन दोनों कानूनों में कहा गया है कि तिब्बत-चीन विवाद का समाधान बिना किसी पूर्व शर्त के सार्थक बातचीत के जरिये शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए और ये कानून अमेरिका सरकार को चीनी अधिकारियों और दलाई लामा या उनके प्रतिनिधियों के बीच बातचीत को बढ़ावा देने का निर्देश भी देते हैं।

ग्यात्सो ने कहा, ‘‘इसलिए राष्ट्रपति ट्रंप को इस नीति को कायम रखना चाहिए और शी के साथ अपनी बैठक का इस्तेमाल चीन और तिब्बत के बीच बातचीत फिर शुरू कराने के लिए दबाव बनाने में करना चाहिए। यह ऐसे समय में और भी जरूरी है जब चीन का नया तथाकथित ‘जातीय एकता एवं प्रगति कानून’ तिब्बती पहचान की बुनियाद के लिए खतरा पैदा कर रहा है।’’

आईसीटी ने ट्रंप से 11वें पंचेन लामा की रिहाई का मुद्दा भी उठाने को कहा। दलाई लामा ने 14 मई 1995 को उन्हें पंचेन लामा के रूप में मान्यता दी थी और इसके तीन दिन बाद वह लापता हो गए थे। आईसीटी ने कई अन्य मानवाधिकार संगठनों के साथ मिलकर चीन सरकार से उसके मानवाधिकार रिकॉर्ड में सुधार के लिए तत्काल ऐसे कदम उठाने की अपील भी की जिनकी पुष्टि की जा सके।

कुल 29 मानवाधिकार संगठनों ने राष्ट्रपति शी को लिखे एक खुले पत्र में कहा, ‘‘तिब्बती, उइगर और अन्य समुदाय अब भी आपकी सरकार के ऐसी अत्याचारी गतिविधियों का सामना कर रहे हैं जिनका मकसद उनकी संस्कृति, पहचान और भाषा को मिटाना है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष सुनवाई के उनके अधिकारों का भी उल्लंघन हो रहा है।’’

संगठनों ने शी से दलाई लामा के प्रतिनिधियों और केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के साथ सार्थक एवं बिना शर्त बातचीत फिर शुरू करने का भी आग्रह किया। इन संगठनों ने केंद्रीय तिब्बती प्रशासन को तिब्बती लोगों का एकमात्र वैध लोकतांत्रिक प्रतिनिधि बताया।

उन्होंने 11वें पंचेन लामा गेधुन चोएक्यी न्यिमा और अन्य राजनीतिक कैदियों की रिहाई की भी मांग की। संगठनों ने कहा कि यदि पंचेन लामा को रिहा नहीं किया जाता तो अमेरिकी अधिकारियों को उनसे स्वतंत्र रूप से मिलने की अनुमति दी जानी चाहिए। (इनपुट-पीटीआई-भाषा)

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