केंद्र सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत राजस्थान के बाड़मेर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई को जिला प्रशासन, पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया।
यह अभियान बाड़मेर जिले के गडरा रोड और चौहटन उपखंड के सीमावर्ती गांवों में संचालित किया गया। प्रशासन ने इससे पहले सर्वेक्षण कर संबंधित लोगों को 18 जून तक अवैध निर्माण हटाने के नोटिस जारी किए थे।
निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद गुरुवार को संयुक्त टीम ने अवैध निर्माणों को हटाने और ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की। अभियान के दौरान हमीराणी, मालाना, केरकोरी, चौहटन, भालगांव और डेम्बा सहित कई गांवों में स्थायी संरचनाओं की वैधता की जांच की गई।
प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माणों की पहचान कर उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई सभी कानूनी प्रक्रियाओं और सुरक्षा निर्देशों के अनुरूप की गई तथा प्रभावित पक्षों को पहले ही नोटिस देकर पर्याप्त समय दिया गया था। प्रशासन का कहना है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमों का पालन सुनिश्चित करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद सीमा पार घुसपैठ, ड्रोन के माध्यम से होने वाली तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए व्यापक सुरक्षा योजना लागू की गई है।
इस योजना के तहत राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों को ‘स्पेशल वॉच जोन’ घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में बीएसएफ, जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एवं राज्य खुफिया एजेंसियां एकीकृत कमांड प्रणाली के तहत कार्य करेंगी।
इस पहल का उद्देश्य भारत-पाकिस्तान सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में सभी गतिविधियों की निगरानी, पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है, ताकि किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि का समय रहते पता लगाया जा सके और उसे रोका जा सके।
-(इनपुटःएजेंसी)


