प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील के सफल दौरे बाद नामीबिया के लिए रवाना हुए। पीएम मोदी की हालिया ब्राजील यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक रही। यह यात्रा भारत-ब्राजील के बीच मजबूत होती मित्रता और बढ़ते सहयोग की प्रतीक बनी। दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल समाधान, AI, सुपरकंप्यूटिंग, रक्षा और कृषि अनुसंधान जैसे प्रमुख क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए साथ ही, अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया।

उन्हें ब्राजील का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ़ द नेशनल ऑर्डर ऑफ़ द सदर्न क्रॉस’ प्रदान किया गया, यह किसी विदेशी नागरिक को दिया जाने वाला ब्राजील का सर्वोच्च सम्मान है। यह उनका 26वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने संवाद और कूटनीति के ज़रिये विवाद सुलझाने पर बल दिया। दोनों नेताओं ने आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए ज़ीरो टॉलरेंस और दोहरे मानदंडों को नकारने की अपील की। पीएम मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा को 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए नृशंस आतंकवादी हमले के बाद समर्थन और एकजुटता दिखाने के लिए धन्यवाद दिया। ज्ञात हो, इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी।

ब्राज़ील ने पहलगाम आतंकी हमले पर संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ साझा संकल्प को दोहराया। यह साझेदारी समावेशी विकास और जन-केन्द्रित नवाचार जैसे साझा लक्ष्यों को भी दर्शाती है।

एक एक्स पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा, “मैं अपने अच्छे मित्र, राष्ट्रपति लूला, सरकार और ब्राजील के अद्भुत लोगों को इस यात्रा के दौरान उनकी दयालुता के लिए धन्यवाद देता हूं। पिछले कुछ दिनों में, मैंने रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया और ब्रासीलिया में राष्ट्रपति लूला के साथ द्विपक्षीय वार्ता की है।”

वहीं, पांच देशों की आठ दिवसीय यात्रा पर रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि मेरा अंतिम गंतव्य नामीबिया होगा, एक विश्वसनीय भागीदार जिसके साथ हम उपनिवेशवाद के खिलाफ संघर्ष का साझा इतिहास साझा करते हैं। मैं राष्ट्रपति महामहिम डॉ. नेटुम्बो नंदी-नदैतवा से मिलने और हमारे लोगों, हमारे क्षेत्रों और व्यापक वैश्विक दक्षिण के लाभ के लिए सहयोग के लिए एक नया रोडमैप तैयार करने के लिए उत्सुक हूं।

उन्होंने यह भी कहा कि नामीबिया की यात्रा का उद्देश्य एक विश्वसनीय भागीदार के साथ संबंधों को मजबूत करना है, जिसके साथ उपनिवेशवाद का विरोध करने के मामले में हमारा साझा इतिहास है। राष्ट्रपति डॉ. नेटुम्बो नंदी-नदैतवा और मैं कई क्षेत्रों में संबंधों को बढ़ावा देने के तरीकों पर बात करेंगे। नामीबिया की संसद को संबोधित करना भी सम्मान की बात होगी।

पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि पांच देशों की उनकी यात्राएं वैश्विक दक्षिण में हमारे बंधन और मित्रता को मजबूत करेंगी। इसके अलावा, अटलांटिक के दोनों किनारों पर साझेदारी को मजबूत करेंगी और ब्रिक्स, अफ्रीकी संघ, ECOWAS और CARICOM जैसे बहुपक्षीय प्लेटफार्मों में जुड़ाव को गहरा करेंगी।

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