अहमदाबाद बुलेट ट्रेन स्टेशन का निर्माण कार्य आखिरी चरण में, रेल मंत्री ने की समीक्षा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन स्टेशन के निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य और हाई-स्पीड रेल परियोजना की समीक्षा की। देशभर में 1,300 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिनमें अहमदाबाद एक प्रमुख स्टेशन है।

पश्चिम रेलवे के अनुसार, सरसपुर की ओर बुलेट ट्रेन स्टेशन का निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है और अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल स्टेशन लगभग तैयार हो चुका है।

रेल मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि अहमदाबाद स्टेशन का मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब लगभग तैयार है। दो बेसमेंट और चार मंजिलों वाली संरचना का निर्माण अपने अंतिम चरण में है। साथ ही, स्टेशन की ओर जाने वाले एलीवेटेड रोड के लिए 41 में से 38 पिलर तैयार हो गए हैं और 253 में से 154 गर्डर लगाए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि अहमदाबाद का बुलेट ट्रेन स्टेशन और मौजूदा रेलवे स्टेशन एक ही परिसर में विकसित किए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों को एक स्टेशन से दूसरे पर आसानी से पहुंचने की सुविधा मिले। स्टेशन पर तीन अतिरिक्त प्लेटफॉर्म भी बनाए जा रहे हैं, जिससे संचालन क्षमता बढ़ेगी।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना 2029 तक शुरू होने की संभावना है। इस रूट का 50 किलोमीटर हिस्सा, जो सूरत से बिलिमोरा तक है, 2027 तक चालू हो सकता है। सितंबर में मंत्री ने सूरत स्टेशन और वहां चल रहे ट्रैक बिछाने के कार्य का भी निरीक्षण किया था।

उनके मुताबिक, बुलेट ट्रेन के जरिए मुंबई और अहमदाबाद के बीच की यात्रा सिर्फ दो घंटे सात मिनट में पूरी होगी, जबकि अभी यह दूरी गूगल मैप के अनुसार लगभग नौ घंटे लगती है। परियोजना में आधुनिक तकनीकों का उपयोग हो रहा है, जिसमें ट्रैक के किनारे कंपन कम करने की तकनीक, तेज़ हवाओं और भूकंप से निपटने के लिए सुरक्षा प्रणाली शामिल है।

508 किलोमीटर लंबा मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है। मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में देश के अलग-अलग इलाकों में चार और बुलेट ट्रेन कॉरिडोर शुरू करने की योजना है, जैसा कि भाजपा के घोषणापत्र में उल्लेख किया गया है।

-(इनपुटःएजेंसी)