इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत के लिए उत्पादकता बढ़ाने, शासन व्यवस्था को बेहतर बनाने, वित्तीय समावेशन को मजबूत करने और स्वास्थ्य, शिक्षा व विनिर्माण जैसे क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाने का बड़ा अवसर प्रदान करता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, उन्होंने “Governance Summit 2026: Inclusive AI for Viksit Bharat” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
यह सम्मेलन मंत्रालय और Indian School of Business के भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।
एस. कृष्णन ने कहा कि AI के उपयोग से जहां अनेक अवसर सामने आ रहे हैं, वहीं संज्ञानात्मक (कॉग्निटिव) नौकरियों पर इसके प्रभाव को लेकर चिंताएं भी बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि समावेशी विकास के लिए भारत इस तकनीक का उपयोग करने की विशिष्ट स्थिति में है।
कार्यक्रम में AI की भूमिका पर चार विषयगत चर्चाएं आयोजित की गईं, जिनमें डिजिटल वाणिज्य, महिलाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और वहनीयता तथा रोजगार सृजन और डिजिटल उद्यमिता जैसे विषय शामिल रहे।
एक समानांतर गोलमेज बैठक में ग्राम पंचायत स्तर तक अंतिम छोर तक सार्वजनिक सेवाओं में AI के उपयोग पर भी चर्चा की गई।
एस. कृष्णन ने कहा कि सरकार ऐसा AI इकोसिस्टम तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है जो डिजिटल अर्थव्यवस्था के अंतिम छोर पर मौजूद लोगों सहित प्रत्येक नागरिक के लिए उपयोगी हो।
वहीं अश्विनी छत्रे ने कहा कि AI की महत्वाकांक्षाओं को प्रभावी प्रशासनिक ढांचे में बदलना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि AI को भविष्य की पीढ़ियों और रोजगार के अवसरों को प्रभावित करने वाले दीर्घकालिक राष्ट्रीय मिशन के रूप में देखा जाना चाहिए।
कार्यक्रम में उद्योग जगत, शिक्षाविदों, सरकारी अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
-(इनपुटःएजेंसी)


