दवा खोज (Drug Discovery) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सीएसआईआर-एचआरडीसी, गाजियाबाद में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह कार्यशाला 7 से 9 अप्रैल तक आयोजित की गई, जिसमें सीएसआईआर के वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों को आधुनिक एआई तकनीकों की जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. जी. एन. शास्त्री, डॉ. टी. एस. राणा, डॉ. विनय कुमार और प्रीति चौधरी की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि एआई दवा खोज प्रक्रिया को तेज और अधिक प्रभावी बना रहा है।
तीन दिनों तक चले इस कार्यक्रम में देश के प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों ने व्याख्यान और इंटरएक्टिव सत्र लिए। इनमें प्रो. प्रभा गर्ग, प्रो. डी. सुंदर, डॉ. अरिजीत रॉय और डॉ. एस. नागमणि शामिल रहे।
कार्यशाला में एआई के उपयोग से टारगेट पहचान, बायोमार्कर पहचान, मॉलिक्यूलर डॉकिंग और बायोमॉलिक्यूलर सिमुलेशन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को इन तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग और नए शोध दृष्टिकोणों के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम का समापन 9 अप्रैल को हुआ, जहां प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए गए। समापन सत्र में प्रीति चौधरी ने सभी विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।
इस कार्यशाला को प्रतिभागियों से काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जिससे भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की दिशा तय होगी।
यह कार्यक्रम एआई आधारित दवा खोज के क्षेत्र में ज्ञान बढ़ाने, कौशल विकसित करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।


