भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने उत्तरी क्षेत्र के अग्रिम इलाकों का दौरा किया है। उन्होंने यहां तैनात सैन्य इकाइयों की परिचालन तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने दुनिया के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण वातावरण में तैनात वायु योद्धाओं से मुलाकात कर उनकी कार्यकुशलता, पेशेवर दक्षता और समर्पण की सराहना की।
गौरतलब है कि उत्तरी क्षेत्र के अग्रिम इलाके में जम्मू कश्मीर और लद्दाख के अत्यंत रणनीतिक और कड़ी सुरक्षा वाले क्षेत्र आते हैं। यहां नियंत्रण रेखा (एलओसी) तथा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) है। यह चीन से लगता बॉर्डर एरिया है। ये क्षेत्र दुनिया के सबसे दुर्गम, चुनौतीपूर्ण और कठिन सैन्य परिचालन क्षेत्रों में गिने जाते हैं, जहां जवानों को प्रतिकूल मौसम, ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच लगातार सतर्क रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं।
इस क्षेत्र के दौरे में वायुसेना प्रमुख ने अग्रिम क्षेत्रों में संचालित वायुसेना इकाइयों की युद्धक क्षमता, त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था और समग्र परिचालन तैयारियों का आकलन किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, तैनाती और मौजूदा परिचालन व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने जवानों और अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए कठिन भौगोलिक एवं मौसम संबंधी परिस्थितियों में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने सीमाओं की सुरक्षा में तैनात योद्धाओं की प्रतिबद्धता और सतत सतर्कता देश की सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार बताया है। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए उनकी तत्परता पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया।
वायुसेना प्रमुख ने कारगिल एयरफील्ड तथा नियंत्रण रेखा (एलओसी) और पश्चिमी लद्दाख के अग्रिम परिचालन ठिकानों का भी दौरा किया है। उन्होंने वहां उपलब्ध परिचालन संसाधनों, बुनियादी ढांचे और मिशन तैयारियों की समीक्षा करते हुए उच्च स्तर की तत्परता बनाए रखने पर जोर दिया। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह दौरा उत्तरी क्षेत्र में तैनात इकाइयों की परिचालन क्षमता का आकलन करने और अग्रिम मोर्चों पर तैनात कर्मियों का उत्साहवर्धन करने के उद्देश्य से काफी महत्वपूर्ण है।
वायुसेना प्रमुख ने जवानों की पेशेवर उत्कृष्टता और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है। देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। (इनपुट-आईएएनएस)


