इस साल अमरनाथ यात्रा आगामी 3 जुलाई से शुरू हो रही है, इसके मद्देनजर सुरक्षा के पूरे इंतजाम कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने आज बुधवार को बताया कि 53 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए एक बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बता दें कि अमरनाथ यात्रा 9 अगस्त को समाप्त होगी। इस बार यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए 10 एसपी, 15 डिप्टी एसपी, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बल जैसे-BSF, SSB, CRPF के जवान तैनात किए गए हैं।
इसके अलावा आज दक्षिण कश्मीर के पहलगाम और उत्तर कश्मीर के बालटाल मार्गों पर एक मॉक ड्रिल (अभ्यास) किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था की तत्परता का मूल्यांकन किया जा सके। वहीं दक्षिण कश्मीर के इलाकों में रोजाना दो दर्जन से अधिक कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) किए जा रहे हैं ताकि किसी भी आतंकवादी गतिविधि को रोका जा सके। वहीं, उत्तर कश्मीर के बालटाल मार्ग पर श्रीनगर से गुफा तक सुरक्षा बलों की भारी तैनाती है।
स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में किसी भी तरह की विघ्नकारी गतिविधियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे, ड्रोन निगरानी और सैटेलाइट ट्रैकिंग को शामिल किया गया है। इसके साथ ही, प्रमुख चौकियों पर ड्रोन आधारित निगरानी और एआई-आधारित चेहरे की पहचान प्रणाली का भी उपयोग किया जा रहा है।
सुरक्षा बल जहां यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, वहीं नागरिक प्रशासन को पीने का पानी, बिजली, सफाई और स्वास्थ्य सुविधाएं जैसे नागरिक सेवाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी दी गई है। सभी बेस कैंप और लंगरों को सुरक्षा और अनुमति के मानकों पर जांच कर तैयार कर लिया गया है। डिविजनल प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, “हम सेना और पुलिस के साथ मिलकर समन्वय से काम कर रहे हैं। खराब मौसम, भूस्खलन और स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए भी हमारी योजनाएं तैयार हैं।” केंद्रीय गृह मंत्रालय भी यात्रा की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराएं और मौसम की अनिश्चितता को ध्यान में रखते हुए यात्रा में कोई जोखिम न लें। -(IANS)


